
*पिंजरे को गेट खुला तो चीता तेजी से पलटकर बाहर निकला, मौजूद लोग कुछ पल के लिए सहम गए*
नवभारत न्यूज
श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 चीतों को खुले जंगल में रिलीज किया। इनमें दो वयस्क मादा चीते आशा और धीरा के साथ ही आशा के तीन शावक शामिल हैं। खास बात यह है कि तीनों शावक कूनो में ही जन्मे हैं।
सीएम ने जब चीते को रिलीज किया तो वह पिंजरे में उल्टी ओर मुंह करके बैठा था। जैसे ही पिंजरे को गेट खुला तो चीता तेजी से पलटकर बाहर निकला। इस दौरान सीएम समेत वहां मौजूद तमाम लोग कुछ पल के लिए सहम गए।
चीता छोड़ने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पालपुर-कूनो के लिए आज का दिन बेहद खास है। आज मादा चीता धीरा और आशा और उसके 3 शावकों को कूनो के खुले जंगल में छोड़कर हर्ष की अनुभूति हो रही है। इन चीतों से जंगल आबाद होगा और पर्यटन सेक्टर में पालपुर-कूनो की एक नई पहचान बनेगी।
खुले जंगल में अब तक 7 चीते छोड़े गए हैं। कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ थिरुकुरल ने बताया कि दिसंबर 2024 में दो चीते अग्नि और वायु को रिलीज किया गया था। जो वर्तमान में पार्क की सीमा में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं। इसके बाद 5 फरवरी 2025 को 5 चीते छोड़े गए। इस नई रिलीज के साथ अब कूनो में खुले जंगल में विचरण करने वाले चीतों की कुल संख्या 7 हो गई है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर चीता वीरा के नवजात शावकों के स्वास्थ्य की भी जानकारी अधिकारियों से ली है।
*पिंजरा खुलते ही चीते ने सीधे जंगल की ओर दौड़ लगाई*
पिंजरा खुलते ही चीते ने सीधे जंगल की ओर दौड़ लगाई। ये चीते अब तक 100 हेक्टेयर बाड़े में थे। खुले जंगल में चीतों को छोड़े जाने का यह कदम कूनो में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। अब तक ये चीते 100 हेक्टेयर के बाड़े में सीमित थे, लेकिन अब पर्यटकों को खुले जंगल में चीतों का दीदार करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल पार्क में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, बल्कि चीतों के लिए भी प्राकृतिक वातावरण में रहने का बेहतर अवसर मिलेगा।
कूनो नेशनल पार्क में आशा वह पहली मां बनी है, जिससे तीन नर चीते जन्मे हैं और तीनों खुले जंगल में छोड़े गए हैं। आशा ने इन चीतों को एक जनवरी 2024 में कूनो नेशनल पार्क में जन्म दिया था, जिसका पार्क प्रबंधन को 2 जनवरी को पता चला था। तीनों शावक कूनो नेशनल पार्क में आशा के साथ जिन तीन शावकों को छोड़ा गया है, वह अगले तीन महीने मां के साथ ही रहेंगे और शिकार करेंगे। पार्क प्रबंधन ने इन्हें खुले जंगल में छोड़े जाने के दौरान इनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा है। आशा और उसके तीन शावकों की मॉनिटरिंग के लिए दो दल रहेंगे। जो उनकी मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि इन चीतों की एक एक पल की जानकारी मिल सके। दल में जो लोग शामिल रहेंगे, उनकी ड्यूटी बीच बीच में बदलती रहेगी।
