चीते को मारने वाली कार जब्त, हेड कांस्टेबल के नाम रजिस्टर्ड है वाहन

ग्वालियर: आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से चीते की मौत हो गई थी। सात दिन की जांच के बाद वन विभाग ने उस वाहन को खोज निकाला है, जिसने चीते को टक्कर मारी थी। जांच में सामने आया है कि कार क्रमांक एमपी07 सीजे 3937 ग्वालियर की है और एसएएफ में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल स्वर्ण सिंह जादौन के नाम पर रजिस्टर्ड है। वन विभाग ने कार को जब्त कर लिया।

कार की पहचान फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है। घटना के समय चीते के मुंह के बाल कार की हेडलाइट के नीचे बंपर में फंस गए थे, जो पांच दिन बाद भी वहीं चिपके मिले। वन विभाग की टीम ने कार जब्त करने के बाद चीते के मुंह के बाल बरामद किए और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हेड कॉन्स्टेबल स्वर्ण सिंह जादौन ने बताया कि करीब दो साल पहले उनकी कार डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।

इसके बाद उन्होंने कंपनी को वाहन वापस कर दिया था, जिसके एवज में उन्हें लगभग 4.75 लाख रुपए मिले थे। उन्होंने यह भी बताया कि उसी दौरान उन्होंने कार किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दी थी, लेकिन आरटीओ रिकॉर्ड में वाहन अब भी उनके नाम दर्ज है। उनके अनुसार यह कार उन्होंने प्रेम मोटर्स, मेला कार बाजार से खरीदी थी और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वर्तमान में वाहन कौन चला रहा था।

वन विभाग और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। चालक की पहचान और वाहन स्वामित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्वालियर के डीएफओ अंकित पांडे ने बताया कि चीते को टक्कर मारने वाली गाड़ी और उसके चालक को राउंडअप कर लिया गया है। वाहन की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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