कोरोना काल में संगीत समूहों को प्रोत्साहन देने वाली किरण दीदी को श्रद्धांजलि, स्मिता सेन के काव्य संग्रह का प्रकाशन

भोपाल: राजधानी की संगीत संस्था सुरमाला संगीत ग्रुप ने एमपी नगर के एक होटल में गीतों की संध्या सजाई। कल शाम को शुरू हुआ सिलसिला देर रात तक चला। सरस्वती मां की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण और आराधना से कार्यक्रम शुरू हुआ। इस अवसर पर संगीत समूह की संस्थापक सदस्य और संरक्षक किरण श्रीवास्तव दीदी के निधन पर 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई। किरण दीदी ने कोरोना के दौर में संगीत समूहों को नई जान दी थी। वे संगीत समूहों का मार्गदर्शन करती थीं। उन्होंने सैकड़ो शोकिया गायक गायिकाओ को प्रोत्साहित किया।
इसी कार्यक्रम में गायिका और कवयित्री स्मिता सेन के काव्य संग्रह की प्रथम प्रति अतिथियों को सौंपी गई।कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत पर आधारित बेहतरीन नगमे प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही हलके फूलके संगीत और मनोरंजन से भरे गीतों की प्रस्तुति भी हुई।
कार्यक्रम में सुमधुर गीतों की शुरुआत बहियाँ न भरो..से
नीलिमा ने की।
प्रख्यात गायक स्वर्गीय भूपेंद्र हजारिका के गीत दिल हूम हूम करे की शानदार प्रस्तुति
स्मिता सेन ने दी। ये पर्वतों के दायरे,ये शाम का धुंआ…गीत को अपने अंदाज में
धर्मेश और सुमन ने सुनाकर समा बांध दिया। सुरंगमा सक्सेना ने अभिमान जो संगीत प्रधान कलात्मक फिल्म थी,उसका जया भादुड़ी पर फिल्माया कर्णप्रिय
गीत “लूटे कोई मन का नगर बनके मेरा साथी… ” बहुत मोहक अंदाज में सुनाया। “चांदनी रात में एक बार तुझे देखा है…” राजेश और शैली ने प्रस्तुत किया धक धक करने लगा… माधुरी दीक्षित पर पिक्चराइज इस गीत की ऊर्जा से भरपूर प्रस्तुति सोनल और सुमित शर्मा ने दी। कार्यक्रम में
मनीष और मोना ने
बेस्ट ऑर्गेनाइजर और एंकर का परिचय देते हुए सभी बेस्ट सिंगर को दोबारा अवसर भी दिया।
भीगी भीगी रातों में ऐसी बरसातों में…. गीत को सुनकर नौतपा की तेज तपन कम हो गई और ठंडी ठंडी फुहार का एहसास सिंगर और लिस्नर्स ने किया।
शांता थारवानी और रमेश चंदानी की ये प्रभावी प्रस्तुति थी।इसके अलावा शरद सोनी और मनीषा बुधौलिया ने आ जा सनम…मधुर चांदनी में हम…सुनाकर महफिल लूटी।
कार्यक्रम की विशेष पेशकश की बात करें तो ये पर्वतों के दायरे,ये शाम का धुंआ की प्रस्तुति भी कम नहीं थी।
धर्मेश और सुमन ने ये युगल गीत सुनाया।
दिल की नजर से…
मनीष और मोना ने पेश किया।
रहें न रहें हम…महका करेंगे..बनके कली… सुनाकर
मोना सक्सेना द्वारा संगीत ग्रुप्स की मार्गदर्शक स्व किरण श्रीवास्तव को गीतमय आदरांजलि दी गई। शरद कुमार और अजय बुधौलिया की जबरदस्त पेशकश रही। सॉन्ग एल्बम (तेरे बिना) का गीत
चलने लगी हैं हवायें…. शरद कुमार ने सुनाया।

Next Post

टोस्ट में मरी हुई छिपकली मिली, प्रशासन ने ब्रांड के नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे

Mon Jun 1 , 2026
शिवपुरी: शहर में टोस्ट के पैकेट में मरी हुई छिपकली मिलने की घटना के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ब्रांड के टोस्ट के नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए भोपाल स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के […]

You May Like