
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज स्कूल शिक्षा विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभाग की योजनाओं, शिक्षा की गुणवत्ता, अधोसंरचना और नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
सीएम ने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभाव की जानकारी ली और निर्देश दिए कि शिक्षा व्यवस्था को जमीन पर और मज़बूत व पारदर्शी बनाया जाए। नई शिक्षा नीति के तहत 12 स्थानीय भाषाओं में शिक्षा
बैठक में बताया गया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मध्यप्रदेश में 12 स्थानीय भाषाओं में शिक्षण व्यवस्था लागू करने के प्रयास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसे शिक्षा को स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
शिक्षकों की उपस्थिति अब नई तकनीक से मॉनिटर होगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षकों की उपस्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए नई डिजिटल तकनीक अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुपस्थित शिक्षकों पर सख़्त निगरानी की आवश्यकता है।
लैपटॉप योजना में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर
सीएम ने लैपटॉप योजना की प्रगति की समीक्षा की और निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया जाए।
नामांकन में 120% की वृद्धि निजी विद्यालयों से अधिक प्रवेश
बैठक में खुलासा हुआ कि इस वर्ष स्कूलों में नामांकन में 120 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी उपलब्धि है।
सरकारी स्कूलों में निजी विद्यालयों से भी काफी अधिक संख्या में प्रवेश दर्ज किए गए हैं।
बालिका शिक्षा व छात्रावास व्यवस्था पर चर्चा
सीएम ने बालिका शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही और छात्रावास व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सुविधा पर विशेष जोर दिया जाए।
स्कूल अधोसंरचना मजबूत होगी
सभी स्कूल होंगे विद्युतीकृत
बैठक में बताया गया कि प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के अधोसंरचना विकास पर कार्य तेज़ गति से चल रहा है।
सभी स्कूलों में विद्युतीकरण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम ने शौचालय प्रबंधन और आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र और प्राथमिकता से करने के निर्देश भी दिए।
पीएम-श्री और सांदीपनि विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने पीएम-श्री स्कूलों और सांदीपनि विद्यालयों में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की हर विधानसभा में सांदीपनि विद्यालय की स्थापना सुनिश्चित की जाए।
भवन एक, कक्षाएं अनेक मॉडल लागू करने पर विचार
डॉ. मोहन यादव ने प्रस्ताव रखा कि विद्यालय भवन के खाली समय में महाविद्यालय की कक्षाएं संचालित की जा सकती हैं। अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
डिजिटल शिक्षा और उत्कृष्ट प्राचार्यों को सम्मान का निर्देश
बैठक में डिजिटल शिक्षा की मौजूदा व्यवस्था पर भी प्रस्तुति दी गई।
सीएम ने कहा कि जो विद्यालय बेहतर परीक्षा परिणाम ला रहे हैं, उनके प्राचार्यों को प्रोत्साहित व सम्मानित किया जाना चाहिए।
