
खंडवा। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने 400 के.व्ही. सबस्टेशन छैगांव को सिंगाजी थर्मल पावर स्टेशन और 400 के.व्ही. जुलवानिया से सीधे जोडक़र निमाड़ क्षेत्र की पारेषण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया है।
ऊर्जामंत्री तोमर ने बताया कि एम.पी. ट्रांसको ने सिंगाजी थर्मल पावर स्टेशन से जुलवानिया जाने वाली 400 के.व्ही. ट्रांसमिशन लाइन को “लाइन इन-लाइन आउट” (रुढ्ढरुह्र) तकनीक के माध्यम से छैगांव में जोड़ा है। इससे छैगांव को निमाड़ क्षेत्र के एक प्रमुख लोड सेंटर के रूप में विकसित किया जा सका है।
पहले जुलवानिया से आती थी बिजली
पूर्व में छैगांव सबस्टेशन को जुलवानिया के माध्यम से ही सिंगाजी थर्मल पावर स्टेशन से विद्युत प्राप्त होती थी। अब सीधे जुड़ाव से विद्युत आपूर्ति में लचीलापन और मजबूती आएगी। इस नई व्यवस्था पर लगभग 10 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत आई है।
इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
छैगांव को निमाड़ क्षेत्र का मुख्य लोड सेंटर बनाने में एम.पी. ट्रांसको मुख्यालय, जबलपुर में पदस्थ कार्यपालन अभियंता हितेश तिवारी की ट्रांसमिशन सिस्टम पर की गई गहन अध्ययन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने ट्रांसमिशन सिस्टम स्टडी की, बल्कि योजना -निर्माण व लागत आंकलन (एस्टिमेट) तैयार करने में भी योगदान दिया। उनके प्रयासों से यह परियोजना सफल हो सकी। श्री तिवारी ने बताया कि सिंगाजी थर्मल पावर स्टेशन से सीधे विद्युत आपूर्ति मिलने से निमाड़ क्षेत्र के 220 के.व्ही. सबस्टेशन निमरानी, नेपानगर तथा 132 के.व्ही. के छैगांव माखन, मूंदी, खंडवा,खरगोन,अन्दड,सिंगोट,बड़वाह, सनावद, पंधाना,भीकम गांव,झिरनिया एवं लिफ्ट एरिगेशन फीडर डोंगरगांव से जुड़े उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
