
ग्वालियर। दिग्विजय सिंह ने संकल्प लिया है कि वह अब कभी मंच पर नहीं बैठेंगे। मंच के नीचे बैठेंगे। जब उनके बोलने की बारी आएगी, तभी वे मंच पर चढ़ेंगे। दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस नेताओं से मंच की लड़ाई खत्म करने की अपील की है।
दिग्विजय सिंह सोमवार को फूलबाग मैदान में कांग्रेस की संविधान बचाओ रैली को संबोधित कर रहे थे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि मंच की लड़ाई समाप्त करें। आपसे अनुरोध करता हूं कि मैं अब कांग्रेस या किसी भी मंच पर नहीं बैठूंगा। मैं नीचे बैठ जाऊंगा। बस इतना अनुरोध है कि जब बोलने का अवसर आए, तब मुझे बुला लिया जाए। कृपया मंच की लड़ाई को समाप्त कर दीजिए।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो लोग लाते हैं, वे बेचारे रह जाते हैं और हमारे लोग मंच पर आ जाते हैं। इन बातों पर ध्यान दीजिए। ग्वालियर में हुए कांग्रेस के इस कार्यक्रम में करीब 5 हजार नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच पर बैठने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में विवाद हुआ, जिसके बाद दिग्विजय सिंह ने मंच से ही ये बातें कहीं।
कांग्रेस ने बनाई थी गाइडलाइन, नहीं हुआ पालन
दरअसल, हाल ही में कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों को लेकर एक गाइडलाइन बनाई थी, जिसमें ये भी तय किया गया था कि मंच पर कोई नहीं बैठेगा। सिर्फ डायस और माइक रहेगा। जिस नेता का भाषण देने का नंबर आएगा, वहीं मंच पर जाएगा, भाषण देगा और फिर नीचे आकर बैठ जाएगा। लेकिन ग्वालियर की इस रैली में इसका पालन नहीं हुआ।
पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौन रखकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।
सिंधिया ने चुनी हुई सरकार गिरा दी : पटवारी
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर कहा कि उन्होंने विधायकों को दल बदलवाकर एक चुनी हुई सरकार को गिरा दिया। उन्होंने कहा था कि वह सड़क पर उतरेंगे, क्योंकि उनका अपमान हो रहा है। उन्होंने इसे संविधान पर आघात बताया और आपके दिए हुए वोट को चुनौती दी। अगर यह संविधान खतरे में नहीं था, तो फिर और क्या था। पटवारी ने कहा कि आज वही सिंधिया देश में मंत्री बने हुए हैं। उन्हें संविधान ने ही यह पद दिया है। जिस प्रकार संविधान उन्हें मंत्री बनने का अधिकार देता है, उसी प्रकार यही संविधान आपको भी आपकी संपत्ति, आपका मकान, आपकी दुकान, आपकी जमीन और आपकी जायदाद पर अधिकार देता है। इसलिए, उस पर मालिकाना हक आपका है, और यह अधिकार भी आपको संविधान से ही प्राप्त हुआ है।
पटवारी ने कहा कि संविधान ने यह अधिकार भी ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिया कि राजमाता सिंधिया, जो उस समय विपक्ष की नेता थीं, उन्होंने जीवाजी यूनिवर्सिटी में अपनी जमीन दान की। उन्होंने कन्या महाविद्यालय को भी अपनी जमीन दान में दी थी लेकिन आज, उसी संविधान की ताकत के बल पर सिंधिया मोतीमहल की जमीन को अपने अधिकार में लेना चाहते हैं। यह ताकत भी उन्हें संविधान ने ही दी है। यह भी संविधान की ही शक्ति है कि आप गरीबों की जमीन जो सरकार की थी उसे भी छीन रहे हैं। अगर यह संविधान न होता, तो मैं मानता हूं कि हमें यह संघर्ष करने और सभा करने की अनुमति भी नहीं मिलती।
कार्यक्रम में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संविधान को बचाने ग्वालियर से शुरू होगा अभियान
रैली से पहले प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने देश को आजादी दिलाई, संविधान बनाने में भूमिका निभाई, इसलिए उसकी रक्षा करना भी कांग्रेस की जिम्मेदारी है। पटवारी ने कहा कि आज जब संविधान पर हमले हो रहे हैं, तो राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस इसका सबसे बड़ा संघर्ष कर रही है। देश में गरीबों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है, जो साफ संकेत है कि संविधान खतरे में है।
कार्यक्रम में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, मुकेश नायक, बाला बच्चन, सज्जन सिंह वर्मा, सतीश सिकरवार, प्रवीण पाठक, लाखन सिंह, देवेंद्र शर्मा, पीडी जोहरे, मितेंद्र दर्शन सिंह समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देशभर में 25 से 30 अप्रैल तक ‘संविधान बचाओ रैली’
कांग्रेस ने फैसला किया है कि 25 से 30 अप्रैल के बीच पूरे देश में “संविधान बचाओ रैलियां” आयोजित की जाएगी। मध्यप्रदेश में इस अभियान की शुरुआत आज ग्वालियर से हुई। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से रैलियां और जनजागरण अभियान चलाए जाएंगे। जिला और विधानसभा स्तर पर भी रैलियों का कार्यक्रम है। जिला स्तरीय रैलियां 3 से 10 मई तक होंगी।सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता महंगाई, बेरोजगारी, कृषि संकट और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएंगे। विधानसभा स्तरीय रैलियां 11 से 17 मई तक होंगी
