
सीधी। पार्टी से निष्कासित भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह पर सिटी कोतवाली थाना में छेड़खानी मामले में एफआईआर दर्ज होते ही उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। एफआईआर दर्ज की भनक लगते ही आरोपी अंडर ग्राउंड है। अग्रिम जमानत के लिए आरोपी द्वारा जिला न्यायालय सीधी में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी यतीन्द्र गुरु के न्यायालय में
याचिका अधिवक्ता के माध्यम से प्रस्तुत की गई थी वह भी 26 अप्रैल को खारिज हो गई। शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता सुखेन्द्र द्विवेदी एवं आपत्तिकर्ता की ओर से अधिवक्ता अरविंद शुक्ला ने पैरवी की। दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी के विरुद्ध पुलिस में पूर्व से 8 मामले पंजीबद्ध है जिसकी विवेचना में उसके द्वारा पुलिस का सहयोग नहीं किया जा रहा है। ऐसे में उसको अग्रिम जमानत नहीं दिया जा सकता। मीडिया से चर्चा के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद शुक्ला ने बताया कि आरोपी सुरेश सिंह के विरुद्ध कोतवाली पुलिस थाना में इसके पूर्व से ही 8 मामले पंजीबद्ध है लेकिन वे पुलिस की विवेचना में कोई सहयोग सालों से नहीं कर रहे है जबकि पुलिस द्वारा धारा 41 के तहत नोटिस भी जारी की गई है।भाजपा में पदाधिकारी रहने के कारण पुलिस भी इन पर दबाव बना पाने में लाचार रही। जिला न्यायालय से याचिका खारिज होने के बाद अब आरोपी अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत कर सकता है। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी इतना दबंग था कि प्रेस कार्यालय के अंदर छेड़खानी करने में कोई खौफ महसूस नहीं किया। उसका यह कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे में कैद है और फुटेज पुलिस के पास भी है।पीडि़ता द्वारा कोतवाली थाना सीधी में 21 अप्रैल को आवेदन देकर आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
