जबलपुर: शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 15 मार्च से शुरू हो गई थी, परंतु जिले के अंदर उपार्जन का कार्य काफी लेट शुरू हुआ है। जिसके चलते समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी काफी पीछे चल रही है। इसके विपरीत कृषि उपज मंडी में प्राइवेट रूप से फसल बेचने के लिए किसानों बड़ी मात्रा में गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं, जिसके चलते कृषि उपज मंडी में गेहूं की भरमार लगी हुई है। वहीं दूसरी ओर प्रशासन द्वारा बनाए गए समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए 70 केंद्रों में से कुछ ही केंद्रों पर खरीदी चल रही है, इसके अलावा कई केंद्रों पर तो अभी भी सन्नाटा पसरा हुआ है। जिसके कारण समर्थन मूल्य पर इस वर्ष गेहूं की खरीदी काफी कम मात्रा में हो रही है।
मंडी में बिका 2 लाख क्विंटल गेहूं
कृषि उपज मंडी में इस वर्ष गेहूं खरीदी का आंकड़ा भी काफी तेजी से बढ़ रहा है। जहां सुबह से ही किसान अपनी फसल को बेचने के लिए ट्रैक्टर ट्राली लेकर पहुंच जाते हैं, जिससे मंडी में भारी भीड़ लग जाती है। जानकारी के अनुसार मंडी में प्रतिदिन 12000 क्विटल गेहूं की आवक हो रही है। जिससे अभी तक किसानों द्वारा लगभग 2 लाख क्विटल गेहूं मंडी में लाकर बेचा गया है। कृषि उपज मंडी के कर्मियों के अनुसार गेहूं की कीमत 2200 से लेकर 2600 प्रति क्विटल तक चल रही।
समर्थन मूल्य पर 3 लाख क्विंटल से अधिक खरीदी
उल्लेखनीय हैं कि जिले में समर्थन मूल्य खरीदी के लिए 70 केंद्र स्थापित किए गए हैं, परंतु अभी तक मात्र 24 केंद्रों में ही नियमित रूप से खरीदी चल रही है। जानकारी के अनुसार अभी तक कुल 4559 किसानों से 372000 क्विंटल गेहूं की खरीदी हो पाई है। विदित है कि आगामी 5 मई तक गेहूं की खरीदी होनी है, अब देखना यह है कि जिले में इस वर्ष कितनी मात्रा में गेहूं की खरीदी समर्थन मूल्य पर हो पाएगी।
स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 30 अप्रैल
शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु किसानों की गेहूँ विक्रय करने के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 26 अप्रैल से बढ़ाकर 30 अप्रैल 2025 तक की गई है। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने किसानों से आग्रह किया है कि नियत तिथि तक गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक करा ले।
