
*अंजली बोली, माता-पिता ने भरोसा किया तो मैंने उसका मान रखा*
ग्वालियर। ग्वालियर की बेटी अंजली जोशी ने इतिहास रच दिया है। अंजली को आगामी मई माह में अमेरिका की जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होने का अवसर मिला है । यह सम्मेलन 1 से 3 मई के बीच हरंडोन, अमेरिका में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में अंजली अपना शोधपत्र प्रस्तुत करेगी।
शहर के पिछड़े इलाके चार शहर का नाका प्रसाद नगर निवासी अंजली इस उपलब्धि के लिए अपने गुरूजनों के मार्गदर्शन के साथ अपने माता-पिता सुषमा-योगेंद्र जोशी के प्रोत्साहन के लिए अहम मानती हैं। अंजली ने फोन पर बताया कि मैं जिस परंपरागत सोच वाले बैकग्राउंड से आती हूं, उसमें लड़की को पढ़ने के लिए अकेले भेजने का निर्णय आसान नहीं था, लेकिन मेरे माता-पिता ने मुझ पर भरोसा किया और मैंने दिखा दिया कि बेटियों को मौका मिले तो वह भी कुछ कर सकती हैं। अंजली जोशी फिलहाल जूनियर रिसर्च फेलो के तौर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय दक्षिण बिहार में पीएचडी शोधकर्ता है। अंजलि की यह उपलब्धि शोध और शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय प्रतिनिधित्व को और सशक्त बनाएगी। अंजली का शोधपत्र ऑनलाइन स्वास्थ्य समुदायों में मरीजों और स्वास्थ्य प्रदाताओं के बीच संवाद की भूमिका को उजागर करता है। खासकर उन महिलाओं के संदर्भ में जो एंडोमेट्रियोसिस जैसी जटिल बीमारी से जूझ रही होती हैं। शोध में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि ये महिलाएं अपने पेल्विक दर्द को डॉक्टरों से साझा करने या छुपाने में किस प्रकार की संचार संबंधी चुनौतियों का सामना करती हैं।
