24 घंटे में दो शिफ्ट, 16 घंटे ड्यूटी कर रहे जवान

 

साप्ताहिक अवकाश बंद, तनाव में खाकी, सेहत पर भी पड़ रहा असर

 

जबलपुर। पुलिसकर्मी अपने परिवार के साथ समय बिता सकें और तनावमुक्त होकर अपनी ड्यूटी निभा सकें इसके लिए साप्ताहिक अवकाश देने सालों कवायद चली। बाद में इस पर अमल हुआ। रोस्टर तैयार हुआ जिसके हिसाब से पुलिस कर्मियों का साप्ताहिक अवकाश देेने की शुरूवात हुई। थानों में 24 घंटे तैनात रहने के साथ मैदानी स्तर पर पदस्थ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन अवकाश की सौगात मिलने से खाकी में खुशी की लहर रही लेकिन चंद समय बाद ही अवकाश बंद हो गए। जिसके पीछे बल की कमी का रोना आड़े आ रहा है, इसके साथ ही त्योहार, वीआइपी मूवमेंट, कानून व्यवस्था भी अहम कारण है, हालांकि पुलिस अधीक्षक कार्यालय, डीआईजी कार्यालय, आईजी कार्यालय समेत पुलिस के अन्य कार्यालयों में तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों को सप्ताह में शनिवार और रविवार को अवकाश मिल जाता है। वही त्यौहारों और सरकारी अवकाश के दिनों में भी वे अवकाश पर रहते हैं, लेकिन थानों में पदस्थ अधिकारियों और जवानों को त्यौहार समेत साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिल रहा है। आलम यह है कि चौबीस घंटे में पुलिस कर्मियों को थानों में दो शिफ्ट में 16 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है। जिसके चलते तनाव में रहने के साथ उनकी सेहत पर भी असर पड़ रहा है।

दो तत्कालीन सीएम के आदेश, अमल नहीं

विदित हो कि 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने साप्ताहिक अवकाश का आदेश जारी किया था, इसके बाद जुलाई 2023 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इसी तरह का आदेश जारी किया। जिसके बाद साप्ताहिक अवकाश मिलना शुरू हुआ। पुलिस मुख्यालय ने यह व्यवस्था लागू कर दी थी। सप्ताह में एक दिन रोस्टर बनाकर वीकली ऑफ देने की व्यवस्था शुरू हुई थी। लेकिन फिर बंद कर दिया गया।

940 पद रिक्त पड़े

365 दिन और चौबीसों घंटे कानून व्यवस्था बनाये रखने में अहम भूमिका निभाती हैं लेकिन जिला बल की कमी से जूझ रहा है। सूत्रों की माने तो साप्ताहिक अवकाश बंद होने का मुख्य कारण बल की कमी है। जिले में 940 पद रिक्त पड़े हुए है। इसके अलावा बल की कमी से जूझ रही पुलिस त्यौहार, वीआईपी मूवमेंट के चलते भी साप्ताहिक अवकाश पर रोक लगी हुई है।

 

इनका कहना है

पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश मिलना चाहिए। अवकाश से मानसिक संतुलन ठीक रहने के साथ वे अपने परिवार के साथ भी समय बिता सकेंगे।

अनिल कुशवाहा, रिटायर्ड आईजी, जबलपुर जोन

 

जिले में बल की कमी है, त्यौहार चल रहे है, कानून व्यवस्था के चलते साप्ताहिक अवकाश नहीं मिल पाते है लेकिन थाना स्तर पर जरूरत, आवश्यकता के हिसाब से अवकाश दिए जा रहे है जब जिसे जरूरत होती है छुट्टी मिल रही है।

समर वर्मा, एएसपी

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