नयी दिल्ली 11 अप्रैल (वार्ता) जनता दल (यूनाइटेड) ने कहा है कि बिहार में पद यात्रा करने से पहले कांग्रेस को हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना एवं कर्नाटक में दी जा रही नौकरियों एवं रोजगार के आँकड़े जारी करने चाहिए।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने शुक्रवार को यहां कहा कि वर्ष 2005 के पहले लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के कार्यकाल में बिहार की दुर्दशा का लंबा दौर लोगों ने झेला है। उस समय न नौकरियां थीं और न ही कोई रोजगार था। पूरा बिहार जल रहा था। लोग अवसर की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे थे और उग्रवाद एवं निजी सेनाओं के संघर्ष की वजह से बड़ी संख्या में लोग जान बचाने के लिए लोग बिहार से भाग रहे थे।
उन्होंने कहा कि बिहार अब इस संकट से उबर रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दृढ़ संकल्प एवं निरंतर प्रयासों से 10 लाख से अधिक नौकरियां एवं 28 लाख रोजगार दिए गए हैं और इस विधानसभा के कार्यकाल तक का लक्ष्य 12 लाख नौकरियां एवं 38 लाख रोजगार देने का है ।
श्री प्रसाद ने कांग्रेस की पदयात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना एवं कर्नाटक की कांग्रेसी सरकारों द्वारा उन राज्यों में दी जा रही नौकरियों एवं रोजगार के आँकड़े जारी करे।
श्री प्रसाद ने कहा कि नीतीश सरकार ने मात्र एक दिन में बिहार लोक सेवा आयोग की तरफ से ‘तृतीय श्रेणी’ में चयनित 51 हजार 389 विद्यालय अध्यापकों को नौ मार्च (रविवार) को नियुक्ति पत्र देकर एक कीर्तिमान स्थापित किया है ।
जदयू नेता ने कहा कि जातीय सर्वेक्षण के आधार पर आर्थिक दृष्टि से पिछड़े परिवारों के एक – एक सदस्य को छोटे उद्यम के दो लाख रुपये दिए जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि आने वाले समय में बिहार में कोई भी नौजवान बेरोजगार नहीं रहेगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल में बिहार में बेगूसराय में पदयात्रा निकाली थी और पलायन रोको का नारा दिया था। जबकि हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना एवं कर्नाटक में कांग्रेस की सरकारें हैं।
