
दमोह। मिशन अस्पताल में सात मौतों के मामले में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने अस्पताल की कैथ लैब को सील कर दिया है.वहीं इस मामले में आरोपी डॉ नरेंद्र यादव उर्फ नरेंद्र जॉन केम पांच दिन की पुलिस रिमांड पर है, जिससे पुलिस के द्वारा पूछताछ की जा रही है. बुधवार को आरोपी नरेंद्र की तबीयत बिगड़ने से डॉक्टरों की टीम ने पहुंचकर उपचार भी किया.
गुरुवार शाम स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल डॉ विक्रांत चौहान,डॉ राजेश नामदेव, प्रशांत सोनी, प्रहलाद पटेल, सीएमएचओ आफिस दीपक जैन और नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी, कोतवाली से सब इंस्पेक्टर सियाराम, महेंद्र, राघवेंद्र, मनोज पाण्डेय मिशन अस्पताल पहुंचे.सबसे पहले टीम के द्वारा ब्लड बैंक और डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण किया. उसके बाद कैथ लैब की जांच करने पहुंचे, कैथ लैब को डॉक्टर विक्रांत चौहान, डॉ राजेश नामदेव और नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी के हस्ताक्षर से सील किया गया है.वहीं टीम में शामिल जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रहलाद पटेल और डॉ प्रशांत सोनी ने मिशन अस्पताल की ब्लड बैंक का निरीक्षण किया है. ब्लड बैंक का निरीक्षण करने के बाद डॉक्टर प्रहलाद पटेल ने बताया कि यहां पर सब कुछ ठीक निकला है, लेकिन ब्लड बैंक प्रभारी रिटायर्ड डॉक्टर पीसी स्वर्णकार है जो मौके पर नहीं मिले.इसे लापरवाही माना जा सकता है, क्योंकि जांच के समय उन्हें मौजूद रहना चाहिए. किसी भी तरह की कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सबमिट करेंगे. उसके बाद ही तय होगा कि आगे क्या कार्रवाई करनी है.जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉक्टर प्रशांत सोनी ने अस्पताल प्रबंधन से अपनी बातचीत में यह भी नहीं पूछा कि डॉक्टर पीसी स्वर्णकार ब्लड बैंक में कितने समय ड्यूटी देते हैं.वहीं कैथ लैब सील होने पर मिशन अस्पताल की प्रबंधक पुष्पा खरे का कहना है कि लैब को सील कर दिया है जिससे टेंपरेचर मेंटेन नहीं होगा, तो करीब 7 करोड़ कीमत की मशीन खराब हो सकती है.बता दें जिस कैथ लैब को सील किया है यह वही लैब है जहां आरोपी डॉक्टर ने मरीजों की हार्ट सर्जरी की थी.आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मिशन अस्पताल पर पहली कार्रवाई की शुरुआत हो गई है.
आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस टीम अब उन स्थानों पर रवाना हो रही है, जहां से आरोपी ने अपनी डाक्टरी की डिग्री करना बताया है.
