इंदौर: नवलखा क्षेत्र के बस स्टैंड के पास मुख्य मार्ग पर टीन शेड की तीस वर्ष पुरानी गुमटियां हटा कर नगर निगम वहां रेनबसेरा भवन बनवाने की योजना बना रहा है। यहां पर नगर निगमकर्मी जल्ला पटेल द्वारा लोगों से नौ-दस हज़ार जमा करवाकर अस्थाई गुमटियां दी थी. जमा की गई राशी की रसीद भी दी गई थी. अब इतने वर्षो बाद, जिसको लेकर चौदह फरवरी को नगर द्वारा कार्रवाई में यहां के करीब तीस दुकानदारों की गुमटियां तोड़ दी गई थी. इस कार्रवाई के बाद से कई दुकानदार इधर-उधर भटक रहा है तो कोई दूसरे स्थान पर अपनी दुकान चलाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि कार्रवाई के दौरान दुकानदारों को दूसरा स्थान देने का आश्वासन दिया गया था जो अभी तक पूरा नहीं किया गया.
इनका कहना है
18 वर्ष से दुकान थी जिसके कागज है. जीवन की पूरी मेहनत चली गई. दुकानें हटवाते समय अधिकारियों ने दूसरी जगह देने को कहा था लेकिन आज तक कुछ नहीं हो पाया है. दुकानों के लिए हमें कोई स्थान दें.
भरत यादव
बीस साल से यहां गैराज चला रहा था. हमें हटाकर वहां चद्दर लगा दी. अभी तक काम शुरू नहीं किया. जब भी पूछो तो कहते हैं व्यवस्था करते है, अभी बे-रोज़गार घूम रहे हैं. सरकार जल्द व्यवस्था करे.
मनोज राठौर
व्यवसाय जमाने में जीवन लग जाता है. यहां कोई बीस तो कोई तीस सालों से रोज़गार चला रहे थे. अब इस उम्र में कहां जाएंगे. जो भवन बनाना है वह पीछे है. दुकानों को उससे कोई दिक्कत नहीं होती.
कृष्ण कुमार सेन
नवलखा बस स्टैंड पर जब कुछ भी नहीं था जब से हम यहां छोटा-मोटा काम कर अपना परिवार चला रहे थे. इस कार्रवाई से लोग टूट गए हैं. अभी हमें बताया नहीं है कि हमारे लिए क्या व्यवस्था की जाएगी.
अनिल आग्रवाल
