इंदौर: शहर की महत्वपूर्ण सड़क पश्चिमी बाहरी रिंग रोड का काम शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. किसान जमीन देने को तैयार हो गए हैं. खास बात यह है कि उक्त सड़क का टेंडर होकर एजेंसी तय हो गई थी, लेकिन किसानों के विरोध के कारण काम शुरू नही हो सका है.शहर के पश्चिमी बाहरी रिंग रोड का काम अगले एक माह में शुरू हो जाएगा. इसके लिए कलेक्टर आशीष सिंह ने आज किसानों से बातचीत में हल निकाल लिया है.
कलेक्टर ने आज किसानों के साथ पश्चिमी आउटर रिंग रोड को लेकर बैठक की. उक्त सड़क के प्रभावित किसान अपनी जमीन का मुआवजा सही नहीं मिलने के कारण जमीन देने को तैयार नहीं थे. कलेक्टर ने आज किसानों से बातचीत में सड़क निर्माण शुरु करने पर सहमति बना ली है. कलेक्टर सिंह ने किसानों से चर्चा में वर्तमान गाइड लाइन का दो गुना मुआवजा देने पर सांकेतिक सहमति ले ली है. किसान कलेक्टर के प्रस्ताव पर सहमत हो गए है. इसके बाद कलेक्टर ने कल से सड़क निर्माण के लिए दो दल से सर्वे करवाने का काम शुरू करने का कहा है. साथ ही सड़क निर्माण एक माह में शुरू करने का बताया है.
मुख्य बिंदु
एनएचएआई बनाएगा 6 लेन चौड़ी सड़क
64 किलोमीटर लंबी
600 हैक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण
एमकेसी अहमदाबाद को दिया ठेका
एक साल पहले से निर्माण एजेंसी तय , मगर काम शुरू नहीं हो सका
सोनवाय से डकाच्या तक बनेगी नई पश्चिमी रिंग रोड
एनएचएआई द्वारा शहर के पश्चिम में स्थित सोनवाय गांव से आगे खंडवा गांव से लेकर डकाच्या एबी रोड तक सड़क बनाई जाना है. उक्त सड़क प्रस्तावित नई रिंग रोड है, जो 145 किलोमीटर लंबी बनना है, उसका हिस्सा है. शासन ने एनएचएआई को पश्चिमी बाहरी रिंग रोड को बनाने का काम दिया है. यह हिस्सा 64 किलोमीटर लंबा और छह लेन चौड़ा बनेगा. इसको मंत्री नितिन गडकरी ने जावरा प्रवास के दौरान मंजूरी दी थी. एक सड़क के लिए करीब 600 हैक्टेयर जमीन और निर्माण में 780 करोड़ रुपए की लागत आएगी
