काबुल/तेहरान, 04 अप्रैल (वार्ता) अफगानिस्तान के नागरिकों की फांसी की संख्या में वृद्धि से परेशान होकर, तालिबान के सर्वोच्च न्यायालय के प्रशासनिक उप-प्रमुख अब्दुल मलिक हक्कानी ने तेहरान का दौरा किया और ईरानी अधिकारियों से अफगानिस्तानी कैदियों के प्रति नरमी बरतने का अनुरोध किया।
श्री हक्कानी ने मृत्युदंड के अलावा, अन्य दंड विधियों की वकालत की और ईरान से अफगानिस्तान मौत की सजा पाए, कैदियों की सूची साझा करने का अनुरोध किया। 2025 की पहली तिमाही में ही ईरान की विभिन्न जेलों में 21 से अधिक अफगानिस्तानी नागरिकों को फांसी दी गई, जिनमें अधिकतर नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में थे।
खामा न्यूज़ के अनुसार, 2021 में काबुल में तालिबान के सत्ता में आने के बाद, अफगानिस्तान कैदियों की फांसी की संख्या में वृद्धि हुई है, जो राजनीतिक बदलाव से जुड़ी हो सकती है।
नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स ग्रुप के अनुसार, असल संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि कई फांसी की घोषणाएं सार्वजनिक नहीं की जातीं। अफगानिस्तानी कैदी अक्सर कानूनी प्रतिनिधित्व से वंचित होते हैं और उनके पास बाहरी दुनिया से संपर्क करने का मौका नहीं होता।
रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में 80 से अधिक विदेशी नागरिकों को फांसी दी गई। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इन फांसियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है और संयुक्त राष्ट्र ने ईरान-अफगानिस्तान सीमा पर अफगान पीड़ितों की घटनाओं की जांच की मांग की है।उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत प्रवासी अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया है।
