इंदौर: बीआरटीएस हटने के साथ ही अब एलिवेटेड ब्रिज की जगह बनाये जाने वाले ब्रिज को लेकर लगभग तैयारी पूरी हो चुकी है. पलासिया, शिवाजी प्रतिमा और नवलखा चौराहे पर बनने वाले ब्रिज का काम पुरानी कंपनी ही करने को तैयार है. इन ब्रिज की लागत भी 350 करोड़ के लगभग ही हो रही है. वहीं एमआर-12 पर बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज का विवाद भी लगभग समाप्त हो गया है. यहां पर इंदौर विकास प्राधिकरण और लोकनिर्माण विभाग दोनों ही ब्रिज बनाने को लेकर आमने सामने आ गये थे. जहां लोकनिर्माण विभाग ने यहां काम भी प्रारंभ कर दिया था वहीं प्राधिकरण ने भी इनके टेंडर जारी कर रखे थे. नये समझौते में 54 फीट की एक भुजा लोक निर्माण विभाग और 54 फीट की दूसरी भुजा इंदौर विकास प्राधिकरण बनायेगा.
यह बात इंदौर संभागायुक्त दीपक सिंह ने अखबार और न्यूज चैनलों के संपादकों से बातचीत करके हुए कही. आपने बताया कि एलिवेटेड ब्रिज बनाने वाली कंपनी के साथ बातचीत पूरी तरह हो चुकी है. वहीं कंपनी अब एबी रोड पर बनाये जाने वाले नये ब्रिज को लेकर काम करेगी. फिलहाल पहले पलासिया पर बनने वाले ब्रिज के अलावा शिवाजी प्रतिमा पर जहां पांच रास्ते निकल रहे हैं और इसके अलावा नवलखा चौराहे पर भी पांच रास्ते निकल रहे हैं इन जगहों पर ब्रिज का काम शुरु करेगी. इसके अलावा एमआर-12 पर बनने वाले ब्रिज का रास्ता भी साफ हो गया है.
यहां पर प्राधिकरण 8 लेन ब्रिज बनाने को लेकर टेंडर जारी कर चुका था. इसके पहले पीडब्ल्यूडी भी यहां रेलवे ओवरब्रिज बनाने के लिए एजेंसी भी तय कर चुका था जिसने यहां काम भी प्रारंभ कर दिया था. दोनों ही विभागों के अधिकारियों के साथ लंबी बातचीत के बाद अब यह निर्णय हुआ है कि इस पुल की एक भुजा का निर्माण जहां लोकनिर्माण विभाग करेगा तो वहीं दूसरी भुजा का निर्माण इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा. दोनों ही भुजाओं में सडक¸ों की चौड़ाई 54 फीट के लगभग रहेगी. एमआर 12 का काम आइडीए करवा रहा है. यह सडक¸ उज्जैन रोड से पूर्वी देवास बायपास को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी. देवास रोड स्थित पंचवटी के पास कैलोदहाला में रेलवे ओवर ब्रिज बनाया जाना है.
दोनों विभाग के प्रमुख सचिव करेंगे फैसला
एमआर – 12 कैलोदहाला पर आईडीए रेलवे ओवर ब्रिज बना रहा था. इसके लिए रेलवे से अनुमति भी मिल गई है. इस बीच उक्त स्थान पर पीडब्ल्यूडी ने काम शुरू कर दिया. इस मामले को लेकर आईडीए और पीडब्ल्यूडी में विवाद पैदा हो गया. चूंकि योजना आईडीए की है और आरओबी भी आईडीए 250 फीट चौड़ी सड़क के हिसाब से ब्रिज बनाने की योजना बना चुका था. सूत्रों के अनुसार आज बैठक में तय हुआ है कि पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव और नगरीय प्रशासन और आवास के प्रमुख सचिव बैठक करके निर्णय लेंगे। उसके बाद तय होगा कि एमआर – 12 रेलवे ओवर ब्रिज कौन बनाएगा। इसके लिए एक हफ्ते में बैठक संभावित है।
सिंहस्थ के लिए व्यापक इंतजाम
वही 2028 में उज्जैन सिंहस्थ को लेकर भी इंदौर सहित आसपास के जिलों में व्यापक योजना तैयार की जा रही है. इस मामले में संभाग आयुक्त ने कहा कि उज्जैन सिंहस्थ के दौरान आगंतुकों के लिए इंदौर का एयरपोर्ट मुख्य रहेगा. , इंदौर से गुजर कर उज्जैन जाने वाले पर्यटकों का ट्रैफिक भी काफी बड़ी संख्या में आने की उम्मीद है. लिहाजा इसके लिए भी व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं
