महाशिवरात्रि पर ओम्कारेश्वर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

खंडवा, 26 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में स्थित तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में आज महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्ममुहूर्त में ही मंदिर के पट खुल गए और दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ जो निरंतर जारी है।
मंदिर का फूलों से विशेष श्रंगार किया गया है। लोग लम्बी कतारों में घंटो इंतज़ार कर भोलेनाथ के दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन ने आज वीआईपी दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित किया है, ताकि आम श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। इधर नर्मदा में भी स्नान का पुण्य लेने हजारों श्रद्धालु घाट पर है। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये हैं।
पुजारी पंडित डंकेश्वर दीक्षित ने बताया कि तीर्थनगरी ओम्कारेश्वर का विशेष धार्मिक और पौराणिक महत्त्व है। द्वादश ज्योतिलिंग में चतुर्थ क्रम के इस ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग का इतना महत्त्व है कि चारों धाम की यात्रा तब तक अधूरी मानी जाती है। जब तक कि वहां का जल ओम्कारेश्वर में भोलनाथ को न चढ़ाया जाये। महाशिवरात्रि पर ओम्कारेश्वर इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव-मां पार्वती के साथ रात्रि में ओंकारेश्वर में ही विश्राम करते है। जिस तरह उज्जैन में महाकालेश्वर धाम में भस्मारती का महत्व है। उसी तरह ओम्कारेश्वर में शयन आरती का।
जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि आज सुबह तीन बजे ब्रह्मुहुर्त में ही मंदिर पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कल से ही यहां आना शुरू हो गए। इसलिए जैसे ही मंदिर के पट खुले दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया जो निरंतर जारी है। सुबह तीन बजे मंदिर के पट खुले है और रात्रि तीन बजे सिर्फ एक घंटे के लिए पट बंद होंगे और फिर कल सुबह चार बजे से दर्शन प्रारम्भ हो जायेंगे। चूंकि ओम्कारेश्वर मंदिर का गर्भगृह बहुत छोटा है, इसलिए एक बार में चार-पांच से ज्यादा लोग भीतर नहीं जा सकते, इसलिए यहां लम्बी कतारें लगी है। प्रशासन ने दर्शन में व्यवधान न हो इसलिए वीआईपी दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित किया है। अभी दोपहर बारह बजे तक ही करीब डेढ़ लाख लोग यहाँ दर्शन कर चुके है।
इस तरह अनुमान है कि देर रात तक यह आंकड़ा तीन लाख को पार कर सकता है। गत वर्ष की तुलना में यहाँ काफ़ी ज्यादा भीड़ है बावजूद व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था से श्रद्धालु संतुष्ट है।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने बताया कि महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार ओम्कारेश्वर और आसपास के गाँवो के स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन को व्यवस्था में बड़ा सहयोग किया है, जो उन्होंने अपने खेत भी बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए उपलब्ध करा दिए। इसके पहले मोरटक्का में ही चार पहिया वाहनों को रोक दिया जाता था और वहां से ओम्कारेश्वर तक पहुंचने में उन्हें दिक्कत होती थी। प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किये हैं। घाटों पर भी गोताखोरों का दल तैनात किया गया है। इसके अलावा पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए भी 300 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सारी व्यवस्था शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। प्रशासन भी सीसीटीवी के माध्यम से सतत निगरानी रखे हुए है कि कहीं कोई व्यवस्था न बिगड़े।

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