भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल स्थित सीआरडब्ल्यूएस कारखाने ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में बेहतर प्रदर्शन किया है. यहां पर कुल 1369 कोचों की पीरियाडिक ओवरहॉलिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है. यह उपलब्धि पश्चिम मध्य रेलवे के इतिहास में एक नया कीर्तिमान है, जो रेलवे की कार्यकुशलता को दर्शाता है. पमरे ने इस वित्तीय वर्ष में कुल 8307 कोचों और वैगनों की ओवरहॉलिंग की, जो कि रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित 7968 के लक्ष्य से 4% अधिक है.
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने इस पर बताया कि भोपाल कारखाने का यह योगदान न केवल रेलवे के उच्च तकनीकी मानकों को बनाए रखने में सहायक है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और संतुष्टि सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है. यह उपलब्धि पूरे भोपाल मंडल के लिए गर्व का विषय है.
अब तक का सर्वोत्तम प्रदर्शन
इसमें भोपाल के सीआरडब्ल्यूएस कारखाने ने 1369 कोचों को रखरखाव कर ठीक किया, जबकि कोटा स्थित डब्ल्यूआरएस कारखाने ने 6938 वैगनों की मरम्मत पूरी की. यह दोनों कारखानों का अब तक का सर्वोत्तम प्रदर्शन माना जा रहा है. जानकारी के अनुसार भोपाल कारखाने में ओवरहॉलिंग के दौरान कोच बॉडी और अंडर गियर की मरम्मत, ट्रॉली व बोगी पार्ट्स का पुनर्निर्माण, एयर ब्रेक सिस्टम, बफर, व्हील और एक्सल जैसे अहम हिस्सों का रखरखाव किया गया. इन कार्यों से कोचों की सुरक्षा और विश्वसनीयता में वृद्धि हुई, जिससे यात्रियों को और अधिक सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव भी मिलेगा.
