इंदौर: वर्ष प्रतिपदा एवं गुड़ी पड़वा पर्व पर मंत्री और महापौर ने सूर्य को अर्घ्य दिया. इस अवसर पर सम्राट विक्रमादित्य नाटक मंचन भी किया गया। उक्त कार्यक्रम मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में संस्कृति विभाग और नगर निगम द्वारा आयोजित किया गया.आज सुबह गांधी हॉल परिसर में वर्ष प्रतिपदा एवं विक्रम संवत् 2083 शुरू होने जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सूर्य को अर्घ्य देकर विक्रमोत्सव का शुभारंभ किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सिलावट ने कहा कि वर्ष-2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है. मंत्री सिलावट ने वर्ष प्रतिपदा एवं विक्रम संवत 2083 के शुरू होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी. कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाटक विक्रमोत्सव नाटक का मंचन किया गया. नाटक में विक्रमादित्य की वीरता, न्यायप्रियता और सांस्कृतिक उत्थान के योगदान को दर्शाया गया. करीब 40 मिनट के नाटक में ऐतिहासिक गौरव से दर्शकों को रूबरू कराया गया. नाटक रंगरूपिया थिएटर के रवि जोशी एवं उनकी टीम द्वारा मंचन किया गया.
सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना उद्देश्य
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नववर्ष की शुभकामनाएं दीं. साथ ही भारतीय संस्कृति में सूर्योपासना का महत्व बताते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने जो विक्रम संवत की शुरुआत की थी. वह देश नहीं दुनिया में भी आज भी माना जाता है. भारत की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप संचालित पंचांग एवं संस्कृति को समझने का काम किया है. महापौर भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भारत की गौरवशाली परंपराओं को पुनर्जीवित और जनता को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से ऐसे आयोजन करवा रहे हैं. कार्यक्रम में विधायक महेंद्र हाडिया, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, पार्षद गजानंद गावडे, भारत रघुवंशी,राजीव जैन, अपर आयुक्त नरेंद्र नाथ पांडे सहित बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्रा एवं प्रधान अध्यापक उपस्थित थे.
