गर्मी का मौसम शुरू होते ही राजधानी में गहराने लगा बिजली संकट: यादव

नयी दिल्ली, 29 मार्च (वार्ता) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ती बिजली कटौती और उपभोक्ताओं पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर शनिवार को चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही बिजली संकट भी गहराने लगा है।

श्री यादव ने आज यहां मीडियाकर्मियों से कहा कि दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के नए अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद बिजली कंपनियां बिना टेंडर के महंगी बिजली खरीदने की कोशिश कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में डीईआरसी के समक्ष एक याचिका विचाराधीन है, जिसमें मई 2025 से जुलाई 2025 के बीच 400 मेगावाट तक की बिजली की सीधी खरीद की अनुमति मांगी गई है। यह खरीद बिना टेंडर प्रक्रिया के रात 12 बजे से 02 बजे और रात 8 बजे से 12 बजे के बीच की जानी है, जो एक बड़े भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है, ’जिसके तार काफी दूर तक जुड़े है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में बिजली कटौती की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और जनता इसका विरोध कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेखा गुप्ता सरकार ने बिजली बिलों में वृद्धि करने के लिए परामर्श दाता नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे बिजली बिल बढ़ाने की साजिश करके उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ने की आशंका है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि बिजली कंपनियां बिना किसी प्रतिस्पर्धा के ऊंचे दामों पर बिजली खरीदने की कोशिश कर रही हैं, जिससे दिल्ली के ऊर्जा बाजार पर उनका एकाधिकार स्थापित हो सकता है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा और बिजली महंगी हो जाएगी। ज्ञात हो कि किसी भी खरीद में ज्यादा प्रतिस्पर्धी होते है तो ऐसे में उत्पाद कम दर मिलने की संभावना होती है।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने वर्षों तक नए टैरिफ ऑर्डर जारी नहीं किए, जिससे अब बिजली कंपनियां अपने पुराने नुकसान की भरपाई उपभोक्ताओं पर बोझ डालकर करने की योजना बना रही हैं। इससे आने वाले समय में बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे सीधे तौर पर बिजली कम्पनियों को बेहताशा मुनाफा कमाने का मौका मिल जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार की सब्सिडी नीति भेदभावपूर्ण थी, क्योंकि इसमें कुछ उपभोक्ताओं को राहत दी गई, जबकि बाकी लोगों से अतिरिक्त शुल्क वसूला गया। इसका नतीजा यह हुआ कि कई उद्योग-धंधे बंद हो गए और दिल्ली की जनता महंगाई व बेरोजगारी से परेशान है।

श्री यादव ने जनता को जागरूक होने की अपील करते हुए कहा कि जनता ने रेखा गुप्ता सरकार को बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए चुना था, लेकिन अब भी बिजली कंपनियां मनमाने ढंग से महंगी बिजली खरीदकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही हैं। यदि इस पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो यह स्थिति दिल्ली में गंभीर ऊर्जा संकट को जन्म दे सकती है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस मुद्दे पर सतर्क रहें और अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।

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