जबलपुर: कैफे-रेस्टोरेंट की आड़ में फिर से हुक्का बार संचालित होने लगे है जहां युवा हुक्का गुडगुड़ाने के साथ धुएं के छल्ले उड़ा रहे है। पुलिस की कार्यवाही ठँडी पड़ते ही नशे के सौदागर बेखौफ युवा पीढ़ी को नशा परोस रहे है। अवैध हुक्का बारो के संचालक मिनटों और नशे की मात्रा के हिसाब से दाम तय होता है। हुक्का बारों में नियम कायदों की धज्जियां उड़ाकर किशोरों को भी तम्बाकू का सेवन कराया जा रहा है।
छोटे-छोटे केबिन बने, फ्लेवर में नशा
अवैध हुक्का बारों में छोटे-छोटे केबिन बनाये गए है जहां युवक युवतियों के लिए छोटे-छोटे केबिन भी को अलग अलग फ्लेवर में नशा परोसा जा रहा है। जिससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। यहां तक की स्कूल, कालेजों के विद्यार्थी तक धुएं के छल्लों में अपनी जवानी बर्बाद कर रहे हैं।
संगीत के बीच नाबालिग भी मार रहे कश
कैफे- रेस्टोरेंट में संचालित हो रहे हुक्का बारो में नाबालिग भी पहुंच रहे है जो बजते संगीत व हुक्के की गुडगड़़ाहट के बीच कश मार रहे हैं जो चिंताजनक है। युवा पीढ़ी धीरे धीरे इस दलदल में फंसती जा रही है पुलिस भी कभी कभार कार्यवाही कर वाहवाही लूट लेती है।
फोरस्ट कैफे में पकड़े गए थे किशोर
25 फरवरी को रामपुर चौक के पास फोरेस्ट कैफे में किशोर हुक्का पीते हुए धुएं का कस मार रहे थे। गोरखपुर पुलिस ने छापा मार कार्रवाई करते हुए कैफे में हुक्का पिलाते कैफे संचलक पकड़ा था। फोरेस्ट कैफे संचालक पायलेट नामदेव उम्र 35 वर्ष निवासी संजय नगर बड़पुरा अधारताल के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ था।
संक्रमण रोग फैलता है
फ्लैवर्ड हुक्का पिलवाने से संक्रमण रोग फैलने की सम्भावना रहती है एवं तम्बाकू युक्त हुक्का पीने से होने वाली बीमारियां होती है जिसका भी इन कैफे, रेस्टोरेंट में कोई बोर्ड नहीं लगाया जाता है.