अनदेखी के चलते टूट रही बेंच, नहीं दे रहे ध्यान

मामला राजबाड़ के समीप स्थित फुटपाथ का
इंदौर: नगर निगम द्वारा जब कोई विकास कार्य किया जाता है तो नगर निगम जोश में शुरुआती दौर में उसके रखरखाव पर ध्यान देती है ताकि आम जनता को काम दिखाया जा सके. समय बीतने के बाद लापरवाही की इतनी हद होती है कि हर चीज क्षतिग्रस्त होने लगती है.इसी तरह से एक अनदेखी और लापरवाही देखने को मिली है. शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सबसे पहले राजवाड़ा परिसर से शुरुआत की गई. राजवाड़ा और गोपाल मंदिर के बीच के मार्ग को संवारा गया.

रंगरोगन, सुंदर, आकर्षक लाइट लगाई गई. चौड़े फुटपाथ भी बनाए गए. फुटपाथ पर आराम करने के लिए बेंचे भी लगाई गई. इन विकास कार्यों में करोड़ रुपए का खर्च किया गया लेकिन अब विकास कार्य की परतें खुल रही हैं. प्रमुख बात यह है कि फुटपाथ पर लगाई गई प्रचार के लिए इन बेंचो पर नेताओ के फोटो लगाए गए. लाखों रुपए की बेंचे बहुत जल्दी टूटने लगी है.

नवभारत द्वारा जब इसकी पड़ताल की गई तब आनन-फानन में निगम अधिकारियों ने टूटी बेंच को वहां से हटवा दिया लेकिन तब तक टूट कर बिखर चुकी बेंच का फोटो लिया जा चुका था. एक बात और देखने को मिली है कि यहां इस मार्ग के दोनों तरफ फुटपाथ पर एक भी डस्टबिन नहीं लगाई गई है जिससे फुटपाथ पर कचरा फैला दिखाई देता है जबकि नगर निगम स्वच्छता के लिए अपने प्रयासों को बढ़ा चढ़ा कर बताती है.

इनका कहना है
यह कोई पहली बार नहीं है. हमेशा नगर निगम कार्य करती है और उसके बाद उसे कार्य की उच्च गुणवता सामने आती है और पोल खुलने के बाद उसे छुपाया जाता है.
– प्रवीण मिश्रा
नगर निगम की पीली जीप दिन में अनेक बार वहां पहुंचती है. घंटों खड़ी रहती है. पथ विक्रेताओं के चालान बनाती है लेकिन वहां इन अनियिमितताओं पर ध्यान क्यों नहीं देते.
– सलीम कुरैशी
स्मार्ट सिटी बनाना इतना आसान नहीं है. अगर इस तरह की तस्वीर सामने आती है तो जनता पर प्रभाव अच्छा नहीं पड़ता. यहां गंभीर बात है. उच्च अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए.
– गिरीश सदानी

Next Post

फर्जी नामांतकरण, रसीदें काटकर कर्मचारी डकार गया 18 लाख

Sat Mar 29 , 2025
विश्वासघात कर शासन को लगाई चपत, प्रकरण दर्ज नगर परिषद पाटन राजस्व शाखा में फर्जीवाड़ा जबलपुर: नगर परिषद पाटन राजस्व शाखा में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है जहां पदस्थ एक कर्मचारी ने विश्वासघात कर कूटरचित दस्तावेजों के जरिए गबन करते हुए शासन को 18 लाख रूपए से अधिक की चपत […]

You May Like