काठमांडू (वार्ता) नेपाल में राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों के राजधानी काठमांडू में आगजनी और तोड़फोड़ तथा सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प की घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गयी जबकि 45 अन्य घायल हो गये।
काठमांडू में तिनकुने की सड़कों पर नेपाली सेना को तैनात किया गया है।
काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय (डीएओ) ने राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के बाद तिनकुने क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया है।
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता पुलिस उप महानिरीक्षक दिनेश कुमार आचार्य ने काठमांडू पोस्ट को बताया कि 10 से अधिक इमारतों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। प्रदर्शन में घायल एक प्रदर्शनकारी को त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
तिनकुने में प्रदर्शनकारियों द्वारा एक इमारत में आग लगाने के बाद एक पत्रकार की मौत हो गयी। मृत पत्रकार की पहचान सुरेश रजक के रूप में हुई है जो एवेन्यूज़ टेलीविज़न के लिए इमारत की छत से फुटेज ले रहा था।
एवेन्यूज़ टेलीविज़न के मालिक भास्कर राज राजकर्णिकर ने कहा कि इमारत से विरोध प्रदर्शन को कवर करते समय रजक इमारत के अंदर फंस गये थे और पुलिस को उनकी स्थिति के बारे में लगातार सूचित किए जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
काठमांडू के विभिन्न अस्पतालों में गोली लगने से घायल हुए सात लोगों का इलाज चल रहा है। पांच लोगों का महाराजगंज के त्रिभुवन टीचिंग अस्पताल और दो का इलाज नेशनल ट्रॉमा सेंटर में जारी है।
कर्फ्यू की घोषणा के बाद नेपाली सेना के जवानों को सड़कों पर गश्त करते देखा गया, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि औपचारिक सैन्य लामबंदी चल रही है। इस बीच गृह मंत्री रमेश लेखक ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई है, जिसमें सभी चार सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख शामिल हुए।
पुलिस ने राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवींद्र मिश्रा और महासचिव धवल शमशेर राणा सहित 17 अन्य लोगों को राजशाही समर्थक आंदोलन से संबंधित अराजकता, आगजनी और लूटपाट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
