यरूशलम/बेरूत, 28 मार्च (वार्ता) इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने शुक्रवार को कहा कि लेबनान से उत्तरी इजरायल की ओर दो रॉकेट दागे गये, जिसमें किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
आईडीएफ ने एक बयान में कहा कि एक रॉकेट को रास्ते में रोक दिया गया, जबकि दूसरा लेबनानी क्षेत्र में गिरा। इससे गैलिली क्षेत्र के किरयात शमोना शहर और आस-पास के गांवों में वायु रक्षा सायरन सक्रिय हो गये।
हमले के बाद, इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने एक बयान में चेतावनी दी, “यदि किरयात शमोना और गैलिली में शांति नहीं है, तो बेरूत में भी शांति नहीं होगी। लेबनानी सरकार गैलिली में किसी भी गोलीबारी के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होगी।”
उन्होंने गैलिली के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी खतरे के खिलाफ़ मजबूती से काम करने का प्रण लिया।
इस बीच, लेबनान के एक सुरक्षा सूत्र ने शिन्हुआ को बताया कि इजरायल ने दोनों रॉकेटों को रोक लिया, जिनमें से एक दक्षिणी लेबनान में सीमा क्षेत्र के पूर्व में हवा में फट गया। सूत्र ने बताया कि दक्षिणी लेबनान पर इजरायली ड्रोन हमलों के बीच इजरायली तोपखाने लेबनानी सीमा क्षेत्रों पर गोलाबारी कर रहे थे।
गौरतलब है कि अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता वाला युद्धविराम 27 नवंबर, 2024 से प्रभावी रहा है, जिसने गाजा युद्ध के बाद दक्षिणी लेबनान में एक साल से अधिक समय से चल रही शत्रुता पर विराम लगा दिया है। इस समझौते के बावजूद, इजरायल ने यह दावा करते हुए कि वह हिज्बुल्लाह को निशाना बना रहा है, लेबनान में कभी-कभार हमले करना जारी रखा।
इसके अतिरिक्त, इजरायल ने पूर्ण वापसी के लिए 18 फरवरी की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद लेबनानी सीमा पर पांच प्रमुख स्थानों पर सैन्य उपस्थिति बनाये रखी है। इजरायली सेना ने बुधवार को घोषणा की कि उसने लेबनान से रॉकेट हमले के जवाब में पिछले शनिवार को हिज्बुल्लाह के 40 से अधिक ठिकानों पर बमबारी की थी।

