
उज्जैन। महाकाल मंदिर में दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ ठगी के मामले में तीन माह से फरार चल रहे दो आरोपियों ने पुलिस और कोर्ट के समक्ष सरेंडर कर दिया। 2 दिन पहले भी एक आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर किया था। जिसे जेल भेजा गया है।
19 दिसंबर को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं से रुपए लेकर दर्शन कराने का मामला पकड़ा था। दूसरे दिन मंदिर प्रबंध समिति ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद मंदिर समिति से जुड़े कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ यूट्यूब पर चैनल के मीडिया कर्मियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। 10 को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था जिनकी तीन माह बाद कोर्ट से जमानत हो पाई थी। चार आरोपी फरार चल रहे थे जिनकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया गया था दो दिन पहले मंदिर समिति सदस्य रहा दीपक मित्तल ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जिसे 2 दिन की रिमांड पर लिया गया था। गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया। इस दौरान फरार आरोपी आशीष शर्मा ने भी कोर्ट में सरेंडर किया। इससे पहले बुधवार गुरुवार रात फरार चल रहे एक अन्य आरोपी पंकज शर्मा ने महाकाल थाने पहुंचकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। आशीष शर्मा और पंकज शर्मा को न्यायालय में पेश कर पुलिस ने दो दिनों की पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। श्रद्धालुओं से ठगी के मामले में अब एक आरोपी विजेंद्र यादव फरार है। जिसकी गिरफ्तारी भी जल्द होने की संभावना है। अब तक मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
