
मंडला। मंडला, डिंडौरी और जबलपुर जिलों को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-30 पर टू लेन पेव्ड शोल्डर सड़क का निर्माण कार्य लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। डिंडौरी से मंडला तक करीब 101 किलोमीटर लंबाई की इस परियोजना पर 492 करोड़ रुपए की लागत से डेढ़ साल से काम चल रहा है, लेकिन लापरवाह ठेका कंपनी की मनमानी और निर्माण एजेंसी की अनदेखी के चलते काम कच्छप गति से चल रहा है। मोहगांव से मंडला तक लगभग 40 किलोमीटर हिस्से में सड़क की खुदाई कर छोड़ दिया गया है। कई जगह माइनर ब्रिज और कल्वर्ट का निर्माण बारिश से पहले शुरू तो किया गया, लेकिन समय पर पूरा नहीं होने के कारण यातायात बाधित हो गया। बारिश में बनाए गए डायवर्ट मार्ग भी बह गए, जिससे यात्री वाहन घंटों जाम में फंसे रहे ।
गर्मी के मौसम में जिन स्थानों पर ब्रिज और कल्वर्ट का निर्माण शुरू हुआ था, वे आज तक अधूरे हैं। कई जगह सड़क की परत पूरी तरह उखाड़ दी गई और केवल गिट्टी डालकर काम रोक दिया गया है। मोहगांव से लिंगा, पौड़ी और रामनगर तिराहे तक सड़क का नामोनिशान मिट चुका है। इस मार्ग पर सफर करने वाले अधिकारी-कर्मचारी, ग्रामीण और आम यात्री गंभीर परेशानी झेल रहे हैं। सड़क की स्थिति ऐसी है कि वाहन चलाना बेहद कठिन हो गया है। यात्री वाहनों में बार-बार खराबी आ रही है और बाइक सवार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। खराब सड़क के कारण इस मार्ग पर टैक्सी और अन्य यात्री वाहनों का संचालन भी घट गया है।
निर्माण कार्य की सुस्ती का आलम यह है कि ठेकेदार ने सड़क को उखाड़कर गिट्टी बिछा दी लेकिन डामरीकरण का काम शुरू नहीं किया। न केवल सड़क बल्कि ब्रिज और कल्वर्ट निर्माण में भी गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अफसरों द्वारा न तो निरीक्षण किया जा रहा है और न ही कार्य को गति देने के लिए कोई पहल की जा रही है।
अधूरे निर्माण के चलते इस मार्ग पर धूल का गुब्बार लोगों के लिए नई मुसीबत बन गया है। भारी वाहनों के गुजरने पर उठने वाली धूल से पैदल राहगीरों और दोपहिया चालकों को सड़क तक नजर नहीं आती। रात के समय सफर और भी खतरनाक हो गया है, क्योंकि ठेका कंपनी ने डायवर्ट मार्गों पर संकेतक तक नहीं लगाए हैं। इससे हादसों की आशंका बढ़ गई है, बावजूद इसके प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा।
लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए की लागत वाले इस महत्वपूर्ण हाईवे प्रोजेक्ट को जिस तरह अधूरा छोड़ दिया गया है, उससे न केवल क्षेत्र की जनता को भारी परेशानी हो रही है, बल्कि विकास कार्यों की गति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इनका कहना
ठेकेदारों की मनमानी से मंडला–डिंडौरी मुख्य मार्ग बदहाल है। बारिश में डाइवर्ट रास्तों पर कीचड़ और सुरक्षा इंतजामों के अभाव से मिनटों का सफर घंटों में बदल जाता है। कई बार वाहन फंसने से लंबे जाम की स्थिति बनती है, जिससे आपात स्थिति में मरीज तक भगवान भरोसे रह जाते हैं।
डॉ. अशोक मर्सकोले
जिला अध्यक्ष
कांग्रेस कमेटी मंडला
