नयी दिल्ली, 26 मार्च (वार्ता) दिल्ली विधान सभा के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सभा के काम काज में डिजिटल प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर इसे आगामी मानसून सत्र तक ‘‘ई-विधान सभा” बना दिया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के साथ सहयोग का करार किया गया है।
श्री गुप्ता ने कहा कि 100 दिन के भीतर दिल्ली विधान सभा को डिजिटल प्रौद्योगिकी से सुसज्जित कर ‘ई-विधानसभा’ बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र में ई विधानसभा एप्लीकेशन (एनईवीए) का उपयोग करने का लक्ष्य है।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि इसके लिए 22 मार्च को केंद्र सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के साथ “समझौता ज्ञापन” पर हस्ताक्षर किए हैं। दिल्ली में ई-विधान सभा परियोजना का पूरा धन केंद्र द्वारा दिया जाएगा। ‘ई-विधानसभा’ परियोजना से सदन की कार्रवाई ऑनलाइन और कागज रहित हो आएगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि अब सदस्यों को अपने नोटिस ऑनलाइन जमा करने और अपने फोन या टैबलेट पर विधानसभा के सभी रिकॉर्ड प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। यह एप्लीकेशन न केवल विधानसभा से संबंधित कार्यों जैसे प्रश्न, कार्य सूची, चर्चाएँ, विधायी कार्य और समिति कार्यों में मददगार होगी, बल्कि निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों के प्रबंधन में भी उपयोगी साबित होगी।
श्री गुप्ता ने कहा कि इस परियोजना के तहत प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे और विधानसभा सचिवालय में एक स्थायी सुविधा केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां माननीय सदस्यों को एप्लीकेशन के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह एप्लीकेशन टचस्क्रीन डेस्कटॉप पर भी उपलब्ध होगी, जिसे प्रत्येक सदस्य की सीट पर लगाया जाएगा, और इसे टैबलेट या मोबाइल डिवाइस पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और केन्द्र सरकार के अधिकारियों के सहयोग की सराहना की, जिनकी मदद से यह परियोजना शीघ्र ही लागू होगी। श्री गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार के कानून, न्याय और विधायी कार्य विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी और वित्त विभाग ने इस परियोजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वन नेशन-वन एप्लीकेशन’ संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्री गुप्ता ने सभी विभागों से इस नई तकनीक को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।