नई दिल्ली, (वार्ता) बैंकिंग और वित्तीय सेवा (बीएफएस) क्षेत्र की कंपनियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाने की होड़ तो तेज हो रही है लेकिन ज्यादातर कंपनियों के पास अब भी एक समग्र एआई रणनीति का अभाव है।
सूचना-प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंफोसिस और एचएफएस रिसर्च की मंगलवार को जारी नई रिपोर्ट ‘क्यों, क्या और कैसे वित्तीय सेवा फर्म एआई-फर्स्ट हो सकती हैं’ के अनुसार, 66 प्रतिशत बीएफएस कंपनियों ने अपनी एआई रणनीति को अपडेट किया है लेकिन 88 प्रतिशत कंपनियों के पास अब भी एक एकीकृत, उद्यम-व्यापी एआई रणनीति नहीं है।
रिपोर्ट में बीएएफएस कंपनियों के एआई निवेश और उनके वास्तविक व्यावसायिक उद्देश्यों के बीच के अंतर को उजागर किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक एआई को स्पष्ट उद्देश्यों के साथ एकीकृत नहीं किया जाएगा तब तक इसका पूरा लाभ नहीं उठाया जा सकता।
रिपोर्ट के अनुसार, केवल 12 प्रतिशत बीएफएस कंपनियों के पास एक वैश्विक, उद्यम-व्यापी एआई रणनीति है जबकि एक तिहाई (34 प्रतिशत) कंपनियां देश या क्षेत्रीय स्तर पर एआई रणनीति अपनाती हैं। बीएफएस कंपनियों के एआई बजट में 2025 में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जो कुल प्रौद्योगिकी बजट का 16 प्रतिशत होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई को अपनाने के पीछे सबसे बड़ी प्राथमिकता बॉटम-लाइन उत्पादकता को बढ़ाना है, जो कि 65 प्रतिशत बीएफएस कंपनियों का मुख्य उद्देश्य है। हालांकि, एआई को सही ढंग से अपनाने में कई बाधाएं भी हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, एआई सफलता की तीन प्रमुख चुनौतियां डेटा गुणवत्ता और पहुंच, सुरक्षा और गोपनीयता एवं एआई टैलेंट की कमी हैं। इसके अलावा केवल 23 प्रतिशत बीएफएस कंपनियों के पास परिपक्व एआई गवर्नेंस और जोखिम प्रबंधन नीति है, जिससे इन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में कठिनाई होती है।
एचएफएस रिसर्च के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फिल फर्शट ने कहा, “एआई-फर्स्ट बनने का सफर आसान नहीं है। मौजूदा फंडिंग और निवेश चक्र में कई बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है लेकिन सही पैमाने पर इसे अपनाने के लिए एआई गवर्नेंस और टैलेंट पर ध्यान देना जरूरी है। एआई गवर्नेंस को उद्यम-व्यापी रणनीति के रूप में परिभाषित किया जाना चाहिए और इसे सभी व्यावसायिक प्रक्रियाओं में लागू करना चाहिए।”
इंफोसिस के बीएफएस प्रमुख डेनिस गाडा ने कहा, “एआई को पूरी तरह अपनाने के लिए कंपनियों को एक मजबूत गवर्नेंस फ्रेमवर्क विकसित करना होगा। आज 75 प्रतिशत से अधिक बीएफएस कंपनियों के पास प्रभावी एआई गवर्नेंस रणनीति नहीं है। इंफोसिस अपने ग्राहकों को एआई गवर्नेंस फ्रेमवर्क विकसित करने में मदद कर रहा है, जिससे वे अपने एआई प्रयासों को बड़े पैमाने पर लागू कर सकें। एआई भविष्य का केंद्र बिंदु है और कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका पूरा कार्यबल एआई संचालित भविष्य का हिस्सा बने।”
