
नव भारत न्यूज
इंदौर। राहुल गांधी कहते हैं कि देश में मेरिट नाम की कोई चीज नहीं बची है। उनका ज्ञान है कि 6 – 7 साल में व्यक्ति युवा हो जाता है। उनको अपना ट्यूटर बदलना चाहिए। राहुल गांधी विपक्ष के नेता किस मेरिट लिस्ट के आधार पर बने है ? यह बात भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मीडिया से चर्चा में कही ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद आज इंदौर में बिहार दिवस के अवसर पर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि देश में बेटियों, महिलाओं और बच्चियों के मामले में न्यायधीश संवेदनशील बने। लखनऊ के किसी जज ने निर्णय दिया है कि क्या छूना गलत नहीं है, ऐसे निर्णय देना गलत है। देश में बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ अभियान चल रहा है । उनके प्रति ऐसी भावना रख कर निर्णय करने से मै असहमत हूं।
न्यायधीशों के रवैए को लेकर उन्होंने इस बात पर सहमति देते हुए कहा कि आज देश में ज्युडीशरी की एकाउंटिबिलीटी पर विचार होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी किस मेरिट के आधार पर विपक्ष के नेता है। उनको कौन ज्ञान देता है, उन्हें अपना ट्यूटर बदलना चाहिए । यह बात प्रसाद ने गांधी द्वारा मेरिट का कोई मीनिंग नही है, जिसमें गरीब आदिवासी और दलितों लोगों की संदर्भ में उठाई है , की बात पर कही। सलाह दी कि उनको अपना ट्यूटर बदलना चाहिए।
उन्होंने कर्नाटक मुस्लिमों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने पर विरोध करते हुए कहा कि पिछड़े वर्ग का कोटा कम किया है। बिहार दिवस मनाएं जाने पर उन्होंने कहा कि देश ही नहीं, विदेशों में भी बिहारी लोग है। इसलिए कहीं भी बिहार दिवस मनाया जा सकता है। बिहार को बंगाल से अलग कर बनाया गया था।
उन्होंने कहा कि भाजपा मीडिया फ्रेंडली है और लोकतंत्र में विश्वास करती है। राहुल गांधी की मीडिया के प्रति सोच आप सबको मालूम है और वो आपके प्रति क्या सोचते हैं, इस विषय में मुझे बताने की आवश्यकता नही है।
