ब्यावरा: इस समय प्रशासन के माध्यम से राजस्व विभाग , विद्युत वितरण कंपनी की ओर से विद्युत अमला और सहकारी बैंक, सोसायटी के बकायादारों पर चहुंओर सख्ती चल रही है. इसके लिये प्रशासन ने निचले स्तर पर पटवारी, आरआई, बैंक कर्मियों और विद्युत वितरण कंपनी ने अपने मातहतों को वसूली लक्ष्य दे रखे है.इसी उधेड़बुन में सभी वसूली में लगे है.
राजस्व विभाग डॉयवर्सन, भू-भाटक आदि की वसूली करने में जुटा है. कॉलोनाईजरों के बकाया भू-भाटक की वसूली के लिये सख्ती की जा रही है. हाल ही में तहसीलदार ने कुछ कॉलोनी काटने वालों को सार्वजनिक रूप से नोटिस जारी किये है. मार्च माह के अंतिम दिनों में वसूली का दबाव और बढ़ता नजर आने लगा है. इन हालातों से सबसे अधिक परेशानी मध्यम वर्ग को हो रही है.
गौरतलब है कि गत एक पखवाड़े के भीतर बकायादारों से विद्युत वितरण कंपनी को ब्यावरा डिवीजन में 4 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है. हालांकि डिवीजन में बकाया राशि का आंकड़ा चौंकाने वाला है. ब्यावरा डिविजन में विद्युत वितरण कंपनी को कुल मिलाकर करीब डेढ़ अरब के लगभग राशि उपभोक्ताओं से वसूलना है.ब्यावरा डिवीजन के तहत सारंगपुर, सुठालिया, मलावर, मऊ, लखनवास, ब्यावरा क्षेत्र में विद्युत वितरण कंपनी का लगभग 160 करोड़ रुपये की राशि बकाया है.
कंपनी के द्वारा नोटिस व अन्य माध्यमों के द्वारा बकायादारों से राशि जमा करने को कहा गया बावजूद इसके बकाया राशि वाले करीब 150 गांवों की बिजली सप्लाई काट दी गई. इससे अनेक गांव अंधेरे में डूब गये. कंपनी की इस सख्ती के बाद बकायादारों द्वारा राशि जमा करने का सिलसिला शुरु हुआ. पन्द्रह दिन के भीतर ही कंपनी के खाते में लगभग 4 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा हो गई है.पन्द्रह दिवस के भीतर ही ब्यावरा डिवीजन में लगभग 4 करोड़ की बकाया राशि जमा हुई है. जैसे-जैसे राशि जमा हो रही है कनेक्शन बहाल किए जा रहे है.
प्रहलाद क्षेत्रे
डीई, विद्युत वितरण कंपनी संभाग ब्यावरा
