सतना:शुक्रवार को ईओडब्लू रीवा की टीम ने किसान से 5 हजार की रिश्वत लेते हुए हुए रोजगार सहायक को रंगे हाथ दबोच लिया. आरोपी रोजगार सहायक के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई की गई.पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध शाखा रीवा अरविंद सिंह ठाकुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की सोहावल जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत सोहौला में पदस्थ रोजगार सहायक पंकज त्रिपाठी के विरुद्ध रिश्वत मांगे जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी.
पेशे से कृषक और ग्राम पंचायत सोहौला निवासी भगवान दास चौरसिया द्वारा ग्राम पंचायत में पानी साफ करने के लिए वाटर टैंक और 2 नालियां बनवाई गई थीं. इस कार्य की कुल लागत 1 लाख 60 हजार रु बताई जा रही थी. चूंकि उक्त कार्य से संबंधित राशि को प्राप्त करने के लिए रोजगार सहायक की रिपोर्ट और आईडी लगनी आवश्यक है. लिहाजा रिपोर्ट और आईडी लगाने के एवज में रोजगार सहायक पंकज त्रिपाठी द्वारा कृषक भगवान दास से 10 प्रतिशत कमीशन यानी 16 हजार रु मांगा जा रहा था. रोजगार सहायक के इस रवैऐ को देखते हुए भगवान दास ने मामले की शिकायत ईओडब्लू कार्यालय रीवा में कर दी.
शिकायत की पुष्टि के लिए भगवान दास द्वारा रोजगार सहायक पंकज से फोन पर चर्चा कर रिश्वत की रकम के लिए सौदेबाजी शुरु की. जिसके चलते रोजगार सहायक रिश्वत की पहली किश्त के तौर पर 5 हजार रु लेने के लिए तैयार हो गया. शिकयत की पुष्टि होते ही एसपी ईओडब्लू रीवा के निर्देश पर टीम ने ट्रैप की व्यूहरचना तैयार कर ली. इसी कड़ी में शुक्रवार की सुबह किसान भगवान दास रिश्वत के 5 हजार रु लेकर रोजगार सहायक को देने के लिए पहुंचा. ग्राम पंचायत बाबूपुर में संस्कृत विद्यालय के सामने जैसे ही कृषक ने रिश्वत की रकम देकर इशारा किया. वैसे ही पहले से तैयार ईओडब्लू की टीम ने रोजगार सहायक पंकज त्रिपाठी को रंगे हाथ दबोच लिया
