भोपाल। मध्य प्रदेश में पंचायत सचिवों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।बीते तीन से चार महीनों का वेतन नहीं मिलने से सभी कर्मचारियों में आक्रोश और नाराजगी है। जिसके लेकर अब 23 हजार पंचायत सचिव सड़क पर उतरेंगे। पंचायत सचिवों ने 23 मार्च से 1 अप्रैल तक हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। इसका पंचायत से जुड़ी योजनाओं पर सीधा असर पड़ेगा। दरअसल, मध्य प्रदेश के स्थाई कर्मचारी, दैनिक वेतन भोगी और अंशकालीन कर्मचारी अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर 23 मार्च को भोपाल के आंबेडकर पार्क में धरना प्रदर्शन करेंगे। मप्र कर्मचारी मंच के प्रांताध्यक्ष अशोक पांडेय बताया, स्थाई कर्मियों को सातवें वेतनमान, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी नियमितीकरण, पेंशन, मेडिकल, बीमा और अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। 23 मार्च को एमपी के सभी जिलों से दैनिक वेतन भोगी, स्थाईकर्मी और अंशकालीन कर्मचारी भोपाल में जुटेंगे।
कर्मचारियों की मांगे
वेतन हर माह की 1 तारीख को दिया जाए।
बीते महीनों का वेतन तत्काल जारी किया जाए।
सरकारी कर्मचारी के समान सुविधाएं दी जाएं।
सीएम की घोषणा के बावजूद समयमान वेतनमान नहीं दिया गया उसे भी जल्द दिया जाए।
