पारो 21 मार्च (वार्ता) भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे और भारत में चीन के राजदूत शू फ़ेईहोंग के बीच शुक्रवार की सुबह यहां एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
इस बैठक में द्विपक्षीय सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से चीनी सांस्कृतिक मंडली के थिम्फू आगमन के लिए राजदूत का आभार व्यक्त किया।
यह बैठक हालांकि, मुख्य रूप से आपसी सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करने पर केंद्रित थी, कूटनीतिक हलकों में इसे व्यापक रणनीतिक दृष्टि से भी देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में क्षेत्रीय विकास और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े कुछ मुद्दों पर भी अनौपचारिक बातचीत हुई। यह घटनाक्रम भारत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भूटान और चीन के बढ़ते संवाद का सीधा असर क्षेत्रीय संतुलन पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भूटान की विदेश नीति में संतुलन बनाए रखने की रणनीति के तहत यह मुलाकात हुई है। हाल के वर्षों में भूटान ने अपने पारंपरिक मित्र भारत के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखते हुए चीन के साथ भी संवाद बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
इस मुलाकात के बाद आने वाले दिनों में भारत-भूटान संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ता है, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, यह बैठक कूटनीतिक स्तर पर सकारात्मक संवाद और सहयोग की दिशा में एक और कदम मानी जा रही है।
