अमेरिकी न्यायाधीश ने हमास से संबंधों के कारण हिरासत में लिये गये भारतवंशी शोधकर्ता का निर्वासन रोका

वाशिंगटन, 21 मार्च (वार्ता) अमेरिका की एक संघीय न्यायाधीश ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन को ‘आतंकवादी संगठन’ हमास से संबंधों के कारण हिरासत में लिये गये भारतीय मूल के शोधकर्ता के निर्वासन के मामले में फिलहाल आगे नहीं बढ़ने का आदेश दिया है।
शोधकर्ता को उसके कथित यहूदी विरोधी सोशल मीडिया पोस्ट और हमास के एक ज्ञात वरिष्ठ सलाहकार के साथ घनिष्ठ संबंधों के लिए गिरफ्तार किया गया था।
‘पोलिटिको’ ने बताया कि अमेरिकी जिला न्यायाधीश पेट्रीसिया जाइल्स ने गुरुवार को संक्षिप्त निर्देश जारी करते हुए घोषणा की कि जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के पोस्टडॉक्टोरल फेलो बदर खान सूरी को अमेरिका से तब तक नहीं निकाला जायेगा, जब तक कि न्यायालय इसके विपरीत आदेश जारी नहीं करता।
सुश्री जाइल्स ने कहा कि यह आदेश यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक था कि न्यायालय अपनी रिहाई के लिए सूरी की ओर से दायर याचिका का निपटारा कर सके। न्यायाधीश ने यह आदेश सूरी की पत्नी, मफेजे सालेह द्वारा शपथपूर्वक न्यायालय में दिए गए बयान के कुछ समय बाद जारी किया कि उनके पिता की गाजा सरकार में उच्च-स्तरीय भूमिका के बावजूद दंपती का हमास से कोई संबंध नहीं है।
छात्र वीजा पर अध्ययन और अध्यापन कर रहे सूरी को सोमवार रात को वर्जीनिया के अर्लिंग्टन के पड़ोस में रॉसलिन स्थित उनके घर के बाहर नकाबपोश एजेंटों ने गिरफ्तार कर लिया।
सूरी के वकील हसन अहमद ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि सूरी को उनकी पत्नी की फिलिस्तीनी विरासत के कारण दंडित किया जा रहा है, क्योंकि सरकार को संदेह है कि वह और उनकी पत्नी इजरायल के प्रति अमेरिकी विदेश नीति का विरोध करते हैं। मफेजे एक अमेरिकी नागरिक हैं।
मफेजे पर ‘हमास के साथ संबंध’ रखने और एक बार अल जजीरा के लिए काम करने का आरोप लगाया गया है। उनके पिता अहमद यूसुफ कथित तौर पर ‘हमास नेतृत्व के वरिष्ठ राजनीतिक सलाहकार’ के रूप में काम कर चुके हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका ने 1997 में हमास को आतंकवादी संगठन घोषित किया था। होमलैंड सिक्योरिटी के प्रवक्ता ने बताया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पिछले सप्ताह एक निर्णय पर हस्ताक्षर करके सूरी की हिरासत की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका में सूरी की मौजूदगी अमेरिकी विदेश नीति के हितों को खतरे में डालती है। वर्ष 1990 में मिसौरी में पैदा हुई और पांच साल की उम्र में गाजा गयी मफेजे ने कहा कि सूरी उनके पिता अहमद यूसुफ से केवल दो बार मिले हैं – एक बार 2011 में एक मानवीय यात्रा पर, जिसमें सूरी शामिल हुए थे, वे पहली बार वे सालेह से मिले थे तथा दूसरी बार 2012 या 2013 में, जब सूरी ने यूसुफ से उनकी बेटी से शादी करने की अनुमति मांगी थी। मफेजे ने अदालत के समक्ष अपनी लिखित घोषणा में कहा, “सूरी ने मेरे पिता से केवल उन दो मौकों पर मुलाकात की है और उसके बाद से उन्हें नहीं देखा है।”
अदालती दस्तावेजों और आव्रजन बंदियों के लिए एक ऑनलाइन लोकेटर के अनुसार, गिरफ्तारी के तुरंत बाद सूरी को अलेक्जेंड्रिया, लुइसियाना ले जाया गया था। सूरी के वकीलों ने अदालती दस्तावेजों में तर्क दिया कि लुइसियाना में उनका स्थानांतरण ‘प्रतिशोधात्मक प्रतीत’ होता है और उनकी हिरासत उनके तथा उनकी पत्नी द्वारा फिलिस्तीनी अधिकारों की वकालत का परिणाम है।
होमलैंड सुरक्षा विभाग की प्रवक्ता ट्रिसिया मैकलॉघलिन ने पुष्टि की कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को एक निर्णय जारी किया कि विदेश नीति कारणों से सूरी का वीजा रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने एक्स पर लिखा, “सूरी जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में विदेशी विनिमय छात्र था, जो सक्रिय रूप से हमास का प्रचार कर रहा था और सोशल मीडिया पर यहूदी विरोधी भावना को बढ़ावा दे रहा था। सूरी के एक ज्ञात या संदिग्ध आतंकवादी से घनिष्ठ संबंध हैं, जो हमास का वरिष्ठ सलाहकार है।”

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