
नरसिंहगढ़। नगर में रियासतकाल से रंगपंचमी के दिन विशाल गेर ठाकुरजी के विमान के साथ नगर में निकाली जाती है. गेर में मुख्य आकर्षण का केन्द्र डोलचा मार होली होती है. हर बार की तरह इस बार भी धर्मशाला मंदिर से पूजा-अर्चना, महाआरती पश्चात ठाकुरजी के विमान के साथ गेर प्रारंभ हुई. चौराहों पर डोलचा मार होली जमकर मची. युवाओं, बच्चों एवं बड़ो की टोलियां एक-दूसरे पर डोलचे में रंग भरकर मार रहे थे. एक नजर देखने से ही हर कोई अचंभित हो जाता है किंतु नगर में दशकों से डोलचा मार होली की परंपरा चली आ रही है जिसका वर्ष भर लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है. स्थान-स्थान पर विमान की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी गई. गेर डा. शिवजी का चौक, दीनाजी का चौराहा, फूलबाग, चम्पी चौराहा, छतरी चौराहा, पुरानी नगर पालिका, कसेरा बाजार, शाजापुर वाला चौराहा, छारबाग, सुभाष चौक, पाण्डव चौराहा, बाराद्वारी, पाल रोड, थावरिया, बड़ा बाजार, सूरजपोल, रामकुण्ड होते हुए पुन: मंदिर पहुंची. चौराहों पर रंग, गुलाल से भरी टंकियों से हुरियारों पर रंग डाला जा रहा था. नपा की फायर ब्रिगेड रंगों की बौछार छोड़ते हुए चल रही थी.
