
शुजालपुर।एक ओर जहां रंगपंचमी पर पूरे देश में रंग गुलाल की बौछारें उड़ेगी वहीं दूसरी और अनुविभाग शुजालपुर के बाबा गरीबनाथ की नगरी अवन्तिपुर बड़ोदिया में हजारों भक्तगण श्रद्धा, आस्था एवं भक्ति के सागर में गोते लगा रहे होंगे. यहां पर रंगपंचमी के अवसर पर संत गरीबनाथ महाराज के समाधि स्थल पर बाबा के सागौन की लकड़ी से बने 85 फु ट ऊंचे स्मृति ध्वज को चढ़ाने की मान्यता है.
बाबा की समाधि स्थल के गड्ढे में पिछले वर्ष हजारों की संख्या में डाले नारियल, पान एवं साबूत नमक के गड़े अगले वर्ष खुदाई के पश्चात यथावत निकलते हैं जो आज के इस वैज्ञानिक युग में किसी चमत्कार से कम नहीं. मान्यता है कि बाबा गरीबनाथ के समाधि स्थल पर एवं उनकी आराध्य दैवी के दर्शन मात्र से भक्तों की सच्चे भाव से की हुई समस्त मन्नते पूर्ण होती है, रंगपंचमी पर जिन महिलाओं की गोद सुनी होती है वो गाय के गोबर से यहां उल्टा स्वास्तिक बनाती है, साथ ही असाध्य रोगों के लिए की हुई मनोकामना भी पूर्ण होती है. मन्नते पूर्ण होने पर भक्त गण ढोल ढमाकों और मंगलगीत के साथ दरबार मे मनोती उतारने आते हैं और यथाशक्ति ध्वज पर चांदी का स्वास्तिक, छत्र ध्वजा चढ़ाने की परंपरा है.
बाबा गरीबनाथ धाम पर आज से 15 दिवसीय मेले का आयोजन शुरू हुआ है। आज प्रात: स्मृति चिन्ह को उतारा और संध्या चढ़ाया गया. 15 दिवसीय इस मेले में जीवनोपयोगी वस्तुओं के साथ खानपान एवं मनोरंजन के साधनों की दुकाने लगेगा।
