विंध्य में रेलवे की दुर्दशा का मामला राज्यसभा में

विंध्य की डायरी

डा0 रवि तिवारी

रेलवे के संसाधनों की दृष्टि से उपेक्षित विन्ध्य की दुर्दशा का मसला वर्षों बाद देश के सर्वोच्य सदन राज्यसभा में गूंजा. कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तंखा ने रेलवे पर लाए गए विशेष संशोधन विधेयक पर रेल मंत्री की मौजूदगी में रेलवे के विस्तार की कलई खोलकर रख दी.सोमवार को संसद के बजट सत्र की शेष बैठक के दौरान रेलवे मंत्री अश्विनी वैश्रव ने रेलवे पुर्नगठन संशोधन विधेयक सदन में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया. चर्चा में कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता श्री तंखा ने रेलवे की दुर्दशा की चर्चा करते हुए सरकार को कटघरे में खडा करने की कोशिश की उन्होने स्पष्ट रूप से कहा कि संसाधनों कीे दृष्टि से उपेक्षित विन्ध्य की यह स्थिति है कि कहने के लिए दिल्ली से जोडने के लिए विन्ध्य की जनता को बडी मुश्किल से एक ट्रेन दी गई है जो प्रयागराज होते हुए रीवा पहुचती है.

अमृतकाल और विकसित भारत के युग में इस ट्रेन की यह स्थिति है कि लोग रीवा जाने के लिए इसे प्रयागराज में सिर्फ इसलिए छोड देते हैं.इस टे्रन को प्रयागराज से रीवा पहुचने में पांच घण्टे लगते हैं, जबकि सडक़ मार्ग से लोग दो घण्टे में रीवा पहुच जाते है.राज्यसभा में विन्ध्य की समस्या की ओर श्री तंखा के ध्यान आकर्षित कराने के घटनाक्रम ने विन्ध्य के निर्वाचित सभी सांसदों को कटघरे में खडा कर दिया है. लगातार भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के निर्वाचन से केन्द्र तक विन्ध्य की समस्याओं को उस रूप में उठाने के कम ही अवसर सामने आए है जिस प्रकार से उसे उठाया जाना चाहिए.श्री तंखा ने उपेक्षित विन्ध्य के दर्द को जिस प्रकार से मरहम लगाने का प्रयास किया है. उसकी बुद्धिजीवी वर्ग ने बडी प्रशंसा की है.

सतना में सीएम का तंज

हवाई अड्डा सतना को लेकर प्रदेश के मुखिया डा0 मोहन यादव ने तंज कसे, कहा रीवा से होकर यहा आना पड़ रहा है तो एयरपोर्ट किस लिये बना है. दरअसल रीवा एयरपोर्ट में उतरने के बाद मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से सतना एयरपोर्ट पहुंचे थे. जहा लोगो से पूंछा कि रीवा से होकर यहा आना पड़ रहा है तो फिर यह हवाई अड्डा किस लिये बना है. जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने सतना कलेक्टर को निर्देशित किया कि एयरपोर्ट डायरेक्टर से मिलकर हवाई पट्टी की लम्बाई 1800 मीटर करने का प्रस्ताव भेजे. एयरपोर्ट के उन्नयन के बाद लम्बाई घटाकर 1200 मीटर कर दी गई है, जिसके चलते बड़े प्लेन नही उतर पाते है.

40 साल बाद साकार हुआ सपना

रीवा की सीमा पार कर पहली बार ट्रेन जब सीधी जिले के बघवार रेलवे स्टेशन पहुंची तो लोगो की खुशी का ठिकाना नही रहा. बघवार रेलवे स्टेशन तक हुए सफल ट्रायल से अब लोगो की उम्मीद है कि जल्द ट्रेन जिला मुख्यालय तक पहुंचेगी. 40 साल पहले 1985 में ललितपुर सिंगरौली रेल लाइन परियोजना की आधारशिला रखी गई थी. इसके बाद से यह परियोजना अधर में लटकी थी. यहा से निर्वाचित होकर जनप्रतिनिधि विधानसभा से लेकर लोकसभा और राज्यसभा तक पहुंचे. लेकिन इस सपने को साकार होने में फिर भी 40 साल लग गए. वर्षो तक रेल लाइन परियोजना का कार्य ठप्प रहा. वर्ष 2016 के बाद से कार्य में तेजी आई. गोविन्दगढ़ से बघवार के बीच 13.5 किलो मीटर नई रेल लाइन का रेल सुरक्षा आयुक्त मध्य वृत्त मुम्बई मनोज अरोरा ने निरीक्षण किया. ट्रायल सफल रहा उम्मीद है कि जल्द ही जिला मुख्यालय तक का सफर रेलवे लाइन का तय होगा

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