
गुना: महिलाएं 52 स्थानों पर पूजी जाती हैं, फिर सोचती हैं हमारे साथ अन्याय हो रहा
बड़े-बड़े शूरवीर घर में महिलाओं के सामने बिल्ली की तरह डर जाते हैं
गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने महिलाओं को नसीहत दी है कि वे पहले राष्ट्रीय महिला दिवस मनाएं, इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने पर विचार करें। विधायक पन्नालाल शाक्य शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर गुना में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति और गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी मौजूद रहे।
विधायक पन्नालाल शाक्य ने मंच से माइक संभाला तो सभी की निगाहें उन्हीं के ऊपर थीं। विधायक ने भी अजीब तर्क देकर लोगों को हैरान कर दिया। उन्होंने महिला अन्याय के तर्क पर लगभग असहमति जताई। विधायक का कहना था कि देश में 52 स्थानों पर महिलाओं की पूजा होती है यानी देवियों के मंदिर और तीर्थ हैं। जबकि सिर्फ 12 स्थानों पर पुरुषों की पूजा होती है। नवरात्रि का पर्व भी साल में 4 बार मानाया जाता है, जो महिलाओं पर आधारित होता है। जबकि पुरुषों के स्मरण के लिए पितृपक्ष सिर्फ 16 दिन के होते हैं। इसमें भी नौवीं का दिन महिलाओं के लिए आरक्षित है। फिर महिलाएं ऐसा क्यों सोचती हैं कि उनके साथ अन्याय हो रहा है। पन्नालाल ने कहाकि भगवान ब्रह्मा ने पहले पुरुषों का निर्माण किया। इसके बाद सोचा कि कुछ ऐसी चीज बना देता हूं जिससे पुरुष उसके आसपास ही घूमता रहे। फिर उन्होंने महिलाओं की रचना की। विधायक बोले कि बड़े-बड़े शूरवीरों ने बहुत कुछ जीत लिया। लेकिन अपने ही घर में फतह हासिल नहीं कर पाए। घर में उनकी हालत डरी हुई बिल्ली की तरह होती है। उन्होंने महिलाओं से यह भी कहाकि वे अपने बच्चों को संस्कारित शिक्षा दें। अपने बालकों को मोबाइल तो दिखाएं, लेकिन रामायण, महाभारत और शिवाजी, भगतजी जैसे पात्रों से भी परिचित कराएं।
