नयी दिल्ली 07 मार्च (वार्ता) दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्यमंत्री सत्येंद्र जैन और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा है कि जिस तरह से श्री जैन की याद्दाश्त मुहल्ला क्लिनिक को लेकर आप सरकार के घोटाले का विफल बचाव करने को लेकर लौटी है, उसी तरह से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अधिकारियों के समक्ष भी लौटेगी।
श्री सचदेवा ने शुक्रवार को कहा,“आज देख कर अच्छा लगा श्री जैन जो कहते थे कि उनकी याद्दाश्त चली गई है, आज सामने आये तथा अपने कार्यकाल के सबसे बड़े घोटाले मोहल्ला क्लीनिक को खोलने के लिए सरकारी जगहों को छोड़ कर किराये की जगहें लेने, तथा अपनी सरकार के घोटाले का विफल बचाव करने का प्रयास किया।”
उन्होंने कहा,“हम आशा करते हैं कि जिस तरह आज श्री जैन की याद्दाश्त मोहल्ला क्लीनिक के बचाव के लिए लौटी, उसी प्रकार उन आर्थिक घोटालों का सच कबूलने को भी लौटेगी, जिनकी जांच सीबीआई तथा ईडी कर रही है।”
उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक के लिए जगह किराये पर लेने से लेकर डॉक्टर द्वारा मरीज़ की जांच हर काम में घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार से पहले भी दिल्ली में लगभग 400 सरकारी डिस्पेंसरी थी, जिनमें से अधिकांश को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बंद कर मोहल्ला क्लीनिक खोली और उनमें बड़ा भ्रष्टाचार किया।
भाजपा नेता ने कहा कि मंत्रियों और विधायकों से जुड़े ‘आप’ समर्थकों के परिसरों में मोहल्ला क्लीनिक खोले गये और उन्हे बाजार दाम से कहीं अधिक किराये दे कर फिर वापस लिये गये। उन्होंने कहा कि अब जब श्री जैन को याद्दाश्त लौट ही रही है, तो वह बतायें कि आखिर क्यों मोहल्ला क्लीनिक खोलते हुए उपलब्ध सरकारी डिस्पेंसरी तथा अन्य परिसरों की उपेक्षा की गई।
श्री सचदेवा ने कहा कि श्री जैन बतायें कि क्या यह सच नहीं है कि मोहल्ला क्लीनिकों के लिए जो किराये चुकाए गये, वह बाजार भाव से अधिक थे और क्या वह इसकी जाँच के लिए तैयार हैं ?
उन्होंने कहा कि श्री जैन जवाब दें कि क्या यह सच नहीं है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट ने भी मोहल्ला क्लीनिक में होने वाले मरीजों की जांच और भुगतान को लेकर सवाल उठाये हैं तथा जांच की आवशयकता की ओर इशारा किया है।
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में आवशयकता अनुसार हेल्थ क्लिनिक और जांच सेंटर खुलेंगे, बस घोटालों से बचने के लिए कोशिश होगी कि यह सरकारी परिसरों में खुलें।
