
ग्वालियर। ग्वालियर में पहली बार दो दिवसीय संगीत समारोह होने जा रहा है जो लगातार चौबीस घंटे तक चलेगा। इस समारोह में स्वर ताल परिक्रमा का आयोजन 9 मार्च रविवार से प्रारंभ होगा। इस दौरान शास्त्रीय संगीत के विभिन्न विधाओ के 70 से ज्यादा कलाकार गायन वादन की प्रस्तुतियां पेश करेंगे। यह आयोजन गंगादास की बड़ी शाला में रविवार को प्रातः 8 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में प्रख्यात तबला वादक गुरु पंडित किरण देशपांडे और शास्त्रीय गायक पंडित राजा काले मौजूद रहेंगे। यह जानकारी गंगादास की बड़ी शाला के महंत रामसेवक महाराज ने शुक्रवार को पत्रकारों को दी।
उन्होंने बताया कि लगातार 24 घंटे साधक गायन वादन प्रस्तुतियां देंगे। यह कार्यक्रम रविवार को प्रातः 8 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सच्चिदानंद ढोलीबुआ महाराज एवं विशिष्ट अतिथि श्रीमती डा. साधना श्रीवास्तव प्राचार्य केआरजी कालेज होंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के समापन सत्र में ढोलीबुआ महाराज के प्रवचन भी होंगे। उन्होंने बताया कि राजामान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के कुलपति एवं आरंभिक संस्था की संस्थापक प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे, कला साधक के संस्थापक अनूप मोघे, स्वर संस्कार संगीत गुरूकुल के संस्थापक संजय देवले एवं रंगभूमि कला अकादमी के संस्थापक नवनीत कौशल के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। महंत रामसेवक महाराज ने बताया कि शास्त्रीय संगीत में हर राग का एक विशेष समय होता है रात के राग अलग होते है और दिन के अलग। उदाहरण के लिए अगर कार्यक्रम शाम में होता है तो राग यमन, पुरिया धनश्री आदि का गायन वादन होता है। इसी तरह रात के समय जोग, मालसौंस और प्रातःकाल के समय भैरव, गुणकली इत्यादि का गायन होता है इसी को ध्यान मे रखते हुए गंगादास की बड़ी शाला में एक ऐसा शास्त्रीय संगीत का आयोजन होने जा रहे है जो पूरे 24 घंटे लगातार चलेगा जिसमे 70 कलाकारांे द्वारा शास्त्रीय गायन, तबला, सितार, सुरबाहर, वायलिन, बांसुरी, हवाईयन, गिटार आदि की प्रस्तुती की जाएगी।
