डीआरएस रेफरल के लिए कोई ऑटोमैटिक डबल चेक नहीं होगा: बीसीसीआई

मुम्बई, (वार्ता) भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीमों से कहा कि कि डीआरएस रेफरल के दौरान कोई भी ऑटोमैटिक डबल चेक नहीं होगा। खास तौर पर, रिव्यू केवल अपील के मूल बिंदु तक ही सीमित रहेगा, और कोई भी अतिरिक्त चेक तभी किया जाएगा जब दूसरी टीम ने तय समय के अंदर रिव्यू किया हो।

बीसीसीआई ने बताया कि अगर गेंदबाजी करने वाली टीम कैच-बिहाइंड के लिए रिव्यू करती है, तो अंपायर उसके बाद वाइड के लिए चेक नहीं करेंगे। यह तभी चेक किया जाएगा जब बल्लेबाजी करने वाली टीम रिव्यू का विकल्प चुने। बीसीसीआई के विशेषज्ञ कहते हैं कि हाइट वाइड के लिए कोई ऑटोमैटिक चेक नहीं होगा। अब से, इसका रिव्यू तभी किया जाएगा जब बल्लेबाज़ी करने वाली टीम तय 15 सेकंड के अंदर रिव्यू का विकल्प चुने। बल्लेबाज को अतिरिक्त 15 सेकंड नहीं दिए जाएंगे। बीसीसीआई के मैच रेफरी प्रमुख जवागल श्रीनाथ और अंपायर प्रमुख नितिन मेनन कार्यालय में हाल ही में हुई कप्तानों की बैठक के दौरान टीमों को संबोधित कर रहे थे।

पारी का टाइमर और 60 सेकंड की घड़ी: पारी का टाइमर तीसरे गेंद पर और हर ओवर के खत्म होने के बाद स्कोरबोर्ड पर दिखाया जाएगा। 60 सेकंड की घड़ी हर ओवर के खत्म होने के बाद बड़ी स्क्रीन पर दिखाई जाएगी। अगर गेंदबाज रन-अप के लिए तैयार नहीं होता है, तो मैदान पर मौजूद अंपायर टीमों को दो बार चेतावनी देंगे। तीसरी बार ऐसा होने पर, बल्लेबाज़ी करने वाली टीम को 5 पेनल्टी रन दिए जाएंगे।

 

 

 

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