सुप्रीम कोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ नए मुकदमे पर रोक लगाई

नयी दिल्ली, 06 मार्च (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि सनातन धर्म पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने को लेकर विवादों में घिरे तमिलनाडु के मंत्री एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ बिना इस अदालत की अनुमति नए आपराधिक मामले दर्ज नहीं किये जाये।

मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार तथा न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने श्री स्टालिन के खिलाफ विभिन्न राज्यों में शुरू की गई सभी आपराधिक कार्यवाहियों (टिप्पणियों को लेकर) को एक साथ करने की उनकी याचिका पर यह अंतरिम निर्देश पारित किया। पीठ ने कहा, “अप्रैल में सूचीबद्ध करें। अंतरिम आदेश प्रभावी रहेगा और किसी भी नए जोड़े गए मामलों पर लागू होगा। हम निर्देश देते हैं कि इसी मुद्दे पर कोई और मुकदमा दर्ज न किया जाए।”

शीर्ष अदालत का यह आदेश एक संशोधन आवेदन के बाद आया है, जिसमें बिहार में स्टालिन के खिलाफ दायर एक नई प्राथमिकी का उल्लेख किया गया।

यह विवाद सितंबर 2023 में शुरू हुआ, जब श्री स्टालिन ने चेन्नई में तमिलनाडु प्रोग्रेसिव राइटर्स आर्टिस्ट एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर विवादास्पद टिप्पणी की।

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