हाईकोर्ट ने डीजी सहित अन्य को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
जबलपुर: होमगार्ड सैनिकों की तरफ से सरकार के द्वारा दो माह के लिए जबरन कॉल ऑफ प्रदान किये जाने के खिलाफ याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिकाकर्ता होमगार्ड सैनिकों को सेवा में बरकरार रखने के आदेश जारी करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
छिंदवाड़ा निवासी सहशलाल सरेयाम और ओंकार सरेयाम की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि उन्हें दो माह का कॉल ऑफ दिया गया है। शासन ने संशोधन के जरिये एक साल में दिये जाने वाले दो माह के कॉल ऑफ को बदलकर तीन साल में दो माह का कॉल ऑफ कर दिया है। वर्ष 2010 में होमगार्ड सैनिकों द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नियमितीकरण, आरक्षकों के समान वेतन, पूरे वर्ष कार्य प्रदान करने एवं अन्य लाभ देने की प्रार्थना की गई थी।
वर्ष 2011 में हाईकोर्ट द्वारा आंशिक रूप से स्वीकार कर मध्य प्रदेश शासन को आदेशित किया था कि वे होमगार्ड की सेवा नियम बनाये एवं उन्हें पूरे वर्ष कार्य पर रखा जाए। इसका पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर हुई थी। अवमानना याचिका में होमगार्ड के डायरेक्टर जनरल, एडीशनल कमांडेंट होमगार्ड और छिंदवाड़ा व सीहोर के जिला कमांडेंट को अनावेदक बनाया गया था। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त निर्देश देते हुए अनावेदकों को जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
