झाबुआ: आदिवासी अंचल झाबुआ में शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई बिना डिग्री व मान्यता के झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा मरीजों का उपचार कर उनकी जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इन डॉक्टरों द्वारा छोटी, बड़ी सभी बीमारियों का शर्तिया इलाज कराने का दावा किया जाता है। इनके जाल में फंसकर कई मरीजों की बीमारियां लाइलाज बन चुकी है, जबकि कई मरीज इनके गलत उपचार के कारण अपनी जान भी गंवा चुके है।
वसूलते है मनमानी फीस
इन झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा इंजेक्शन एवं बाटल भी मरीजों को लगाई जाती है। दर्द निवारक टेबलेट के अलावा एन्टीवायटिक दवाइयों एवं इंजेक्शनों का इन डॉक्टरों के पास भरपूर स्टॉक होता है, जो शहर के मेडिकल दुकानदार इन्हें भारी कमीशन के उपलब्ध कराते है। इन दवाओं की मरीजों से मनमानी कीमत वसूलते है। ऐसा करके झोलाछाप डाक्टरों द्वारा भोले भाले ग्रामीणों से मोटी रकम वसूलने के साथ ही उनकी जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
मचा रखी लूट
झोलाछाप डाक्टरों द्वारा मरीजों एक बॉटल लगाने के 300-400 रुपए तक लिए जाते है। अपने पचो पर एन्टीवायटिक गोलियां भी लिखते है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन डॉक्टरो द्वारा किस तरह की लूट मचा रखी है। अगर बाटल मरीज लाता है लगने के 50 से 100 और इंजेक्सन लगवाने के 50 रुपए तक लिए जाते है। इस प्रकार दवाई, बाटल व इंजेक्शन लगाने के नाम पर ही मरीज को जमकर लूटा जाता है।
