देहरादून, 01 मार्च (वार्ता) उत्तराखंड में माणा के पास भारी हिमस्खलन (एवलांच) की चपेट में आए 55 श्रमिकों में से अब तक रेस्क्यू किए गए कुल 50 श्रमिकों में से चार की मौत हो गई है।
यह जानकारी शनिवार रात्रि आपदा प्रबंधन सचिव वीके सुमन ने दी। उन्होंने बताया कि आज रात्रि तक दिल्ली से जीपीआर रडार भी विशेष हवाई जहाज से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंच रहा है।
उल्लेखनीय है कि चमोली जनपद अंतर्गत, भारत-चीन सीमा पर हिमालय की उच्च श्रृंखलाओं पर स्थित अंतिम गांव माणा के पास शुक्रवार सुबह छह बजे हिमस्खलन आने के कारण वहां सड़क निर्माण कार्य में लगे 55 श्रमिक फंस गए थे। इनमें से 33 को सेना की मदद से उसी दिन निकाल किया गया था, जबकि 17 अन्य श्रमिकों को शनिवार सुबह रेस्क्यू कर लिया गया। उन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। अब तक कुल 50 श्रमिकों का रेस्क्यू किया जा चुका है।
इनमें से बद्रीनाथ माणा में रखे गये श्रमिकों की कुल 26 श्रमिकों में से तीन की आज शाम मृत्यु हो गई है। वहीं 23 सुरक्षित हैं और स्वस्थ हैं। इसके अलावा, एक श्रमिक की एम्स , ऋषिकेश में मृत्यु होने की सूचना है। अन्य पांच श्रमिकों को खोजने का कार्य अंधेरा और लगातार हिमपात के कारण अभी रोक दिया गया है।
