खंडवा:रेल द्वारा खंडवा से इंदौर जाने के लिए अभी 3 साल का और इंतजार करना पड़ेगा। 2017 में शुरू हुआ काम 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। नर्मदा और मुख्तियार घाट जैसे ब्रिज अभी कागजी कार्रवाई में ही उलझ रहे हैं। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और रेल सलाहकार समिति के मनोज सोनी की पहल पर इस मामले में रेल मंत्रालय सक्रिय हुआ है। अब 2027 तक फरवरी में यह काम पूरा होने की उम्मीद है।यहां से महू के बीच 2017 से गेज कन्वर्जन का कार्य किया जा रहा है। 7 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह काम अभी तक पूरा नहीं किया गया । अब रेल विभाग कह रहा है कि 2027 तक खंडवा से महू के बीच रेल ट्रैक शुरू हो जाएगा। अभी तक खंडवा से सनावद के बीच मेमू रेल सप्ताह में 5 दिन ही चल रही है।
ऐसे हुआ खुलासा
मध्य रेल क्षेत्रीय सलाहकार समिति सदस्य मनोज सोनी ने प्रधानमंत्री पोर्टल से जानकारी मांगी थी। पश्चिम रेल मुंबई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी विनीत कुमार गुप्ता ने बताया कि ये पूरा काम 2027 फरवरी तक पूरा हो जाएगा।
जमीन अधिग्रहण का अड़ंगा
मनोज सोनी को दी गई जानकारी के मुताबिक बडिय़ा मुख्तियारा के शेष 61 किलोमीटर के लिए परियोजना पत्रक और योजनाएँ पहले ही स्वीकृत हो चुकी हैं। निविदा दस्तावेज भी तैयार हैं, लेकिन अभी तक आमंत्रित नहीं किए गए हैं, क्योंकि इस खंड में 454 हेक्टेयर वन भूमि का अधिग्रहण शामिल है। भूमि अधिग्रहण के कागजात पहले ही वन विभाग को सौंप दिए गए हैं। वन भूमि का अधिग्रहण होते ही निविदाएँ आमंत्रित की जाएँगी।
डेढ़ साल रुक रहा काम
विभाग ने देरी का कारण में बताया कि रेलवे बोर्ड की सलाह के अनुसार मई-2020 और दिसंबर-21 के बीच परियोजना को रोक कर रखा गया था। 2007-08 से 2017-18 तक परियोजना के लिए अपर्याप्त धनराशि का आवंटन किया गया। भूमि अधिग्रहण में देरी और संरेखण में बदलाव के कारण भी काम में देरी हुई।
80 परसेंट काम पूरा बताया
वर्तमान में भौतिक प्रगति अनुसार महू खंडवा के बीच 80प्रतिशत ,(संपूर्ण परियोजना) कार्य पूरा किया गया है फरवरी 2027 तक भूमि अधिग्रहण समय पर पूरा होने की स्थिति में ये कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
