
जबलपुर। हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा गया था कि सर्वे के बाद वक्फ की संपत्ति का नोटिफिकेशन जारी किया गया था। वक्फ बोर्ड की संपत्ति का सरकार अधिग्रहण नहीं कर सकती है। याचिका में उज्जैन तथा रतलाम स्थित वक्फ बोर्ड की संपत्ति के अधिग्रहण का उल्लेख किया गया था। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने कहा कि याचिका में उल्लेखित दोनों जिलों का न्यायिक क्षेत्र हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के अंतर्गत आते है। युगलपीठ ने याचिका को सुनवाई के लिए इंदौर खंडपीठ स्थानांतरित करने के आदेश जारी किये।
भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की तरफ से जबलपुर स्थित हाईकोर्ट की मुख्य पीठ में दायर की गयी याचिका में वक्फ बोर्ड की जमीन का अधिग्रहण किये जाने की कार्यवाही को चुनौती दी गयी थी। जिसमें रतलाम स्थित सदियों पुरानी पहलवान शाह दरगाह का सडक बनाने के लिए अधिग्रहण किये जाने का उल्लेख किया गया था। याचिका में कहा गया था कि दरगाह के समीप ही फोरलेन तथा टू-लेन सडक है। इसके अलावा उज्जैन में चार सौ साल पुरानी मस्जिद को तोडकर सरकार के द्वारा जमीन का अधिग्रहण किये जाने का भी उल्लेख किया गया था।
