
नवभारत न्यूज
रीवा, 23 फरवरी, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व के दिन भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात गाजे बाजे के साथ निकाली जायेगी.
बैजू धर्मशाला से सुबह 9 बजे बारात शुरू होगी और विभिन्न मार्गो से होते हुए पचमठा आश्रम पहुंचेगी. जहा शिव-पार्वती का विवाह विधि विधान से सम्पन्न होगा. जगह-जगह बरात का स्वागत किया जायेगा, 108 स्थानो पर स्वागत होगा. उक्त आशय की जानकारी शिवबरात आयोजन समिति के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने देते हुए विवाह के पश्चात प्रसाद का वितरण किया जायेगा, साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम की धूम चेगी. प्रयागराज के धरोहर कला संगम ग्रुप द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जावेगा. जिसमें अन्तर्राष्ट्रीय भजन गायिका शेफाली, कानपुर, टी-सीरीज एवं आस्था चैनल गायिका पूजा केसरवानी कानपुर, भजन सम्राट धर्मेन्द्र पाण्डेय सुल्तानपुर एवं कुमार बादल प्रयागराज द्वारा भक्ति संगीत का कार्यक्रम प्रस्तुत किया जावेगा. स्टेज प्रोग्राम में गणेशा अवतार, सती दहन, महाकाली रौद्र रूप दर्शन, कृष्ण लीला एवं अयोध्या के रामलला के दर्शन मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेगा. पचमठा आश्रम में 25 फरवरी को सुबह 10 बजे से अखण्ड मानस पाठ का आयोजन किया गया है. बारात के दौरान कई तरह के नृत्य आकर्षण का केन्द्र होगे.
राधा-कृष्ण की होगी रासलीला
भगवान भोलेनाथ की बरात में धर्म ध्वजा, शहनाई, नगडिय़ा, घोड़ा, बग्घी, धमाल, भोलेनाथ की पालकी, राधाकृष्ण की रासलीला की झांकी, दुर्गा,काली एवं मॉ चामुण्डा देवी की झांकी, कृष्ण सुदामा की झांकी, नंदी में सवार शिव पार्वती की झांकी, भोलेनाथ के परिवार की झांकी, राजस्थानी फोक डांस, गरबा नृत्य, अघोरी नृत्य, डमरूदल, संतजन तथा चलित आर्केष्ट्रा मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेगी. भगवान भोलेनाथ की बरात का 108 स्थानों पर शिव बरात के मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत किया जावेगा.
