नयी दिल्ली, (वार्ता) वैश्विक बाजार का सूचना परक विश्लेषण करने वाली इकाई क्रिसिल इंटेलिजेंस का कहना है कि अमेरिका में एल्युमिनियम आयात पर ऊंची दर से शुल्क लगाने से भारतीय एल्युमिनियम निर्माताओं तथा एल्यूमीनियम स्क्रैप आयातकों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
अमेरिका की सरकार ने 12 मार्च से एल्युमिनियम आयात पर 25 प्रतिशत की दर से शुल्क लगाने का निर्णय किया है। इस निर्णय पर क्रिसिल इंटेलिजेंस के निदेशक (शोध) सेहुल भट्ट ने कहा कि इसका भारत से प्रथमिक एल्युमिनियम के निर्माताओं और अमेरिका से एल्युमिनियम स्क्रैप आयात कर उससे मिश्र धातु बनाने वाली कंपनियों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
भारत में उत्पादित प्राथमिक एल्युमिनियम का आधार हिस्सा विदेशों में बेचा जाता है। इसका छह प्रतिशत अमेरिकी बाजार में जाता है।
श्री भट्ट ने एक बयान में कहा, “12 मार्च, 2025 से एल्युमीनियम आयात पर 25 प्रतिशत प्रशुल्क लगाने के अमेरिकी कदम का इस धातु के भारतीय निर्माताओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।अभी वहां लगने वाला शुल्क अभी बहुत कम है । भारत के प्राथमिक उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा वर्तमान में निर्यात किया जाता है, जिसमें से करीब छह प्रतिशत अमेरिका जाता है। ”
उन्होंने कहा, “ उम्मीद है कि 25 प्रशुल्क लागू होने के बाद अमेरिका में प्राथमिक एल्युमिनियम के उपयोगकर्ता आयात कम कर सकते हैं, इसलिए वहां के अंतिम उपयोगकर्ता स्थानीय रूप से प्राप्त द्वितीयक एल्युमिनियम या स्क्रैप को प्राथमिकता देंगे। इसका भी भारत पर असर पड़ेगा, क्योंकि हम जो एल्युमिनियम स्क्रैप आयात करते हैं उसका करीब 26 प्रतिशत अमेरिका से आता है। नतीजतन, हम द्वितीयक एल्युमिनियम और मिश्र धातु उत्पादकों पर भी कुछ प्रभाव देखते हैं। ”
