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नवभारत न्यूज
रीवा, 18 फरवरी, प्रत्येक मगलवार को होने वाली जनसुनवाई अब अधिकारियों के लिये मजाक बनकर रह गई है. दूरदराज से आवेदन और निराकरण की आस लगाकर पहुंचने वाले आवेदक निरास होकर लौटते है. कुल मिलाकर जनसुनवाई में खानापूर्ति होती है.
अधिकारी गंभीर नही है तभी तो जनसुनवाई से कई विभागो के जिम्मेदार अधिकारी नदारत पाये गये. जिस पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने नाराजगी जाते हुए अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है. उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में जिन विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहती है उस विभाग के जिम्मेवार अधिकारी अनिवार्यत: उपस्थित रहे. हर मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जन सुनवाई होती है जहा अधिकारी लोगो की समस्या सुनते है. विभिन्न विभागो से जुड़ी समस्याएं लेकर आवेदक पहुंचते है, जहा समस्याओ को सुनकर निराकरण किया जाता है पर अब जन सुनवाई खानापूर्ति तक सीमित रह गई है. अधिकारी नही पहुंचते है और जनसुनवाई के दौरान निराकरण कके लिये जो निर्देश दिया जाता है उसका भी पालन नही होता. समस्या के निराकरण को लेकर आवेदक चक्कर लगाते रहते है पर उन्हे राहत नही मिलती. मंगलवार को राजस्व, बिजली विभाग सहित विभिन्न विभागो की समस्या लेकर आवेदक कलेक्ट्रेट पहुंचे. जहा पर 64 हितग्राहियो की समस्याएं सुनी गई. मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर एवं संयुक्त कलेक्टर पी.के. पाण्डेय ने आवेदनों की समस्यायें सुनी तथा संबंधित अधिकारियों को कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया.
